अमरोहा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चौधरी अमर प्रताप सिंह ने अपहरण के मामले में महिला के रिमांड को खारिज करते हुए विवेचक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई को एसपी को निर्देशित करते हुए पत्र लिखा है। साथ ही महिला को निजी मुचलका दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया।
बृहस्पतिवार को अपहरण के मामले में नौगांवा सादात थाने के विवेचक सतवीर सिंह ने किशोरी को बहला-फुसलाने के मामले में नामजद खुशनुदा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया और 14 दिन रिमांड की मांग की। न्यायालय ने विवेचक द्वारा दाखिल केस डायरी के पर्चों का अवलोकन किया। एफआईआर के मुताबिक पांच नवंबर की दोपहर फारूख पीड़ित की बेटी को बहला फुसलाकर ले गया है, जिसको काफी तलाश करने के बाद कहीं पता नहीं चला। इस मामले में फारूख के साथ खुशनुदा, सना, सबा व कनीज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। लेकिन रिपोर्ट में आरोपी खुशनुदा, सना, सबा और कनीज पर कोई आरोप नहीं हैं। मुकदमे की धारा 363 आईपीसी सात वर्ष के कारावास से दंडनीय है। विवेचक द्वारा गिरफ्तारी का कोई कारण नहीं बताया गया।
न्यायालय का तर्क है कि विवेचक ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन न करके विभागीय कार्रवाई के साथ न्यायालय की अवमानना की है। विवेचक द्वारा आरोपी खुशनुदा की गिरफ्तारी विधि विरुद्ध होने के साथ उस पर अपराध भी नहीं बनता है। इसलिए रिमांड निरस्त करते हुए उसे 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके पर उसे रिहा कर दिया। साथ ही न्यायालय ने एसपी को पत्र भेजकर विवेचक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर 15 दिन के भीतर न्यायालय को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।