गर्भपात करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशीला सिंह ने प्रेमी व प्रेमिका को दो-दो साल के कठोर कारावास व दो-दो हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। प्रेमी युगल 2012 से ही सलाखों के पीछे है, जिनकी जमानत अभी तक नहीं हो सकी थी।
आदमपुर थाने के गांव खैलिया खालसा निवासी छतरपाल सिंह ने 27 अप्रैल 2012 को मुकदमा कायम कराया था कि सुबह के समय खेत में नवजात बच्चा मरा पड़ा था। जानकारी की गई तो पता चला था कि वह बच्चा गांव के ही रहने वाले राजेश पुत्र हरि सिंह के घर रह रही महिला कविता का था, जो पैतिया रसूलपुर थाना बहजोई जनपद संभल व हाल निवासी खैलिया पट्टी में रहती है। पूछताछ में कविता ने बताया था कि बच्चा राजेश का था। दोनों ने पेट दबाकर उसको बाहर निकाल दिया था और फिर खेत में फेंक आए थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी और अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया था।
तब से प्रेमी प्रेमिका जेल में बंद हैं। यह मामला जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में विचाराधीन था। बुधवार को मामले पर सुनवाई हुई। प्रेमी व प्रेमिका जेल से कोर्ट में आए।
यहां सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डीबी सिंह ने जबरदस्त दलीलें पेश कीं और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। पत्रावलियों के अवलोकन के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों को घटना का दोषी पाया। इसके बाद उन्होंने दोनों को दो-दो साल के सश्रम कारावास व दो-दो हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।