पालिका के चार सभासदों का आरोप है कि पालिकाध्यक्ष नगर में आने वाली निधि से विकास कार्य नहीं करा रही हैं। टेंडर प्रक्रिया में निजी हित देखा जा रहा है। इस कारण नगर क्षेत्र में प्रगति के कार्य नहीं हो रहे हैं। अल्लीपुर तालाब के लिए 35 लाख रुपये दो साल पूर्व स्वीकृत किए गए थे, लेकिन कोई काम नहीं हुआ। बूढ़े बाबू के तालाब पर भी काम नहीं हो रहा है।
नगर पालिका के अवंतिका नगर वार्ड की सभासद मनु शर्मा, इंदिरा चौक की सभासद पुष्पा चौधरी, शिवपुरी की सभासद सुमन शर्मा और फाजलपुर के सभासद राजपाल सिंह ने पालिकाध्यक्ष राजेंद्री उर्फ उमा देवी पर विकास कार्य न कराने का आरोप लगाया है। कहा कि 15 महीने में पालिका को शासन से विकास कार्य के लिए करोड़ों रुपये मिले। इसके बाद भी नगर में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। बूढ़े बाबू के तालाब पर चार करोड़ रुपये से काम होने हैं। धनराशि खाते में पड़ी है। अल्लीपुर तालाब में काम कराए जाने के लिए दो साल पूर्व 35 लाख रुपये खर्च हुए। अभी तक कोई कार्य नहीं कराया गया। पूर्व पालिकाध्यक्ष के कार्यकाल की मोटी धनराशि खाते में रह गई थी, उससे भी काम नहीं कराए गए। ईओ दीपिका शुक्ला का कहना है कि पूर्व पालिकाध्यक्ष के कार्यकाल की धनराशि से काम कराने के लिए दोबारा प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
- टेंडर प्रक्रिया में निजी हित का आरोप बेबुनियाद है। पालिका को हर महीने राज्य वित्त से 90 लाख रुपये मिलते हैं। जिनमें 55 से 60 लाख रुपये वेतन में खर्च हो जाता है। टाउन फंड में महज दो लाख रुपये ही आते हैं। रजिस्ट्री ऑफिस से कोरोना के बाद से कोई रुपया नहीं मिला। नगर पालिका को 15वें वित्त से भी निधि नहीं मिली है। - राजेंद्री उर्फ उमा देवी, पालिकाध्यक्ष