अमरोहा। साइबर ठग ने कॉटनवेस्ट कारोबारी को नामी कंपनी के पिज्जा की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा में लेकर 2.65 लाख रुपये हड़प लिए। कारोबारी को ठगी का एहसास होने के बाद मोबाइल नंबर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
यह मामला अमरोहा नगर कोतवाली से जुड़ा है। जोया रोड स्थित वसुंधरा एनक्लेव कॉलोनी में संदीप अग्रवाल का परिवार रहता है। वह कॉटनवेस्ट के बड़े कारोबारी है। उन्होंने 11 फरवरी 2024 को अपने बेटे की मेल आईडी से जुबिलेंट फूड कंपनी में डोमिनोज फ्रेंचाइजी के लिए ऑनलाइन नामांकन किया था। इसके बाद 13 फरवरी को उनके नंबर पर अंजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने फ्रेंचाइजी खोलने के बारे में पूछा और लोकेशन भेजने की बात कही। जिसके बाद कारोबारी संदीप अग्रवाल ने अपने मोबाइल नंबर से लोकेशन भेज दी। 16 फरवरी को फोन आया कि आपकी लोकेशन पास कर दी गई है। इसलिए फ्रेंचाइजी फार्म भेज रहे हैं। संदीप अग्रवाल ने अपनी मेल आईडी से फ्रेंचाइजी फॉर्म भरकर भेज दिया।
21 फरवरी को संदीप अग्रवाल के पास फोन आया और कॉल करने वाले व्यक्ति ने ऑनलाइन साक्षात्कार कर लिया और फ्रेंचाइजी के लिए चयन होने की बात कही। जिसके बाद जुबिलेंट फूड वर्क्स के नाम के खाते में 2,65,500 रुपये जमा करा लिए। यह खाता पंजाब नेशनल बैंक ब्रांच नोएडा में बताया गया था। जिसके बाद 23 फरवरी को इस नंबर से कॉल आई और 7.72 लाख रुपये तुरंत जमा करने के लिए कहा गया। इस दौरान फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम राहुल मिश्रा और कंपनी का सेल्स हेड बताया। यह सुनकर कारोबारी संदीप अग्रवाल के होश उड़ गए और उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ। उन्होंने तुरंत ही जानकारी कराई तो पता चला कि कंपनी में राहुल मिश्रा नाम का कोई व्यक्ति नहीं है। इसके बाद भी आरोपी लगातार फोन करके रुपयों की मांग कर रहे हैं। पीड़ित कारोबारी संदीप अग्रवाल ने मामले की शिकायत नगर कोतवाली पुलिस से की।
सीओ सिटी अरुण कुमार ने बताया कि मामले में अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
साइबर ठगी से बचने के लिए ये करें
- किसी भी तरह के ऑफर और लालच में न आएं
- अनजान व्यक्ति से फोन पर बात कर उसके बहकावे में न आएं
- अच्छी तरह जांच करने के बाद ही किसी भी बैंक खाते में राशि डालें।
- फेसबुक, एक्स आईडी का पासवर्ड स्ट्रांग रखें, सरल पासवर्ड न रखें।
- कोई रुपयों की मांग करता है, तो पहले जांच लें या मैसेज करने वाले से फोन पर संपर्क करें।
- बैंक कर्मचारी कभी भी फोन पर डिटेल्स नहीं मांगते हैं।
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