अमरोहा। जिले में भ्रष्टाचार नहीं थम रहा है। यह हम नहीं सरकारी आंकड़े बोल रहे हैं। मंगलवार को 20 हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार हुए चकबंदी लेखपाल उत्तम बालियान का यह पहला मामला नहीं है बल्कि जिले में बीते 12 सालों में 11 अधिकारी-कर्मचारी रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए हैं।
यह अधिकारी कर्मचारी सरकार और ईमानदार अफसर की छवि भी धूमिल कर रहे हैं। एक के बाद एक कार्रवाई होने के बाद भी रिश्वतखोर अधिकारियों-कर्मचारियों की न तो सोच बदल रही है और न उनके काम करने की कार्यशैली। रिश्वत नहीं मिलने के कारण सरकारी दफ्तरों में सैंकड़ों फाइल धूल फांक रही हैं। सरकारी दफ्तरों में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ कभी किसान संगठन आंदोलन करते हैं तो कभी अधिवक्ता। बावजूद इसके रिश्वतखोरी पर लगाम नहीं लग रही।
मालूम रहे कि 2013 में पपसरा चौकी में तैनात दरोगा को रिश्वत लेते समय एंटी करप्शन ने रंगे हाथ पकड़ा था। पांच दिसंबर 2024 को हसनपुर के अगरौला कलां और धीमरखेड़ी के हल्का लेखपाल नाजिम को 15 हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ा था। विनियमित क्षेत्र के जेई भानू प्रताप सिंह और बिचौलिया शादाब की गिरफ्तारी की है।
तीन मई 2023 को एंटी करप्शन मुरादाबाद की टीम ने दस हजार रुपये की रिश्वत लेते समय बिजली विभाग के जेई अखिलेश सिंह को गिरफ्तार किया था। जेई ने यह रिश्वत किसान से ट्यूबवेल का कनेक्शन देने के बदले मांगी थी। 13 सिंतबर 2019 को एंटी करप्शन मुरादाबाद की टीम ने कचहरी चौकी में तैनात दरोगा नन्हे बाबू को शहर के एक पेट्रोल पंप पर पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया था।
दरोगा ने यह रिश्वत मुकदमे में चार्जशीट लगाने के नाम पर वादी के पति से ली थी। इसके 13 दिन बाद एक बार फिर एंटी करप्शन की टीम ने अपर जिला सूचना अधिकारी को पांच हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार कर लिया था। 17 अगस्त 2018 को एंटी करप्शन की टीम ने चकबंदी कानूनगो महेंद्र सिंह को भी पांच हजार रुपये की घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा था। कानूनगो ने जोया क्षेत्र के श्यौनाली गांव निवासी किसान शहजाद यूसुफ से लाखों रुपये लेने के बाद भी चक बिगाड़ दिया था।
सही करने के लिए पांच हजार रुपये मांगे थे। 26 फरवरी 2024 को मुरादाबाद एंटी करप्शन की टीम ने अमरोहा एआरटीओ कार्यालय के बाबू अमय कुमार उर्फ अमिया और निजी कर्मचारी शाने अली उर्फ शाने को 20 हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था। एंटी करप्शन की टीम ने यह कार्रवाई किसान नेता की शिकायत पर की थी। किसान नेता नारंगपुर में ट्रैक्टर की एजेंसी चलाते हैं। हर साल के एआरटीओ कार्यालय से एजेंसी का रीन्यूअल होता है। एजेंसी के रीन्यूअल के लिए किसान नेता कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे।