जिले के एकेजी इंटर कालेज जलालपुर घना में लाखों के घपले का मामला सामने आया है। इसमें विद्यार्थियों से वसूले गए बिल्डिंग फीस के तकरीबन साढ़े तीन लाख रुपये का कोई हिसाब कॉलेज में नहीं है।
कुछ लोगों की ओर से कागजों में कार्यवाहक प्रिंसिपल की ओर से प्राप्त किए जाने की बात कही जा रही है, जबकि उन्होंने हस्ताक्षर को फर्जी बताया है। उन्होंने एक बाबू पर फर्जी साइन बनाने का आरोप लगाते हुए अफसरों को जानकारी देकर पुलिस को तहरीर दी है। इधर, विवाद को देखते हुए जिविनि(जिला विद्यालय निरीक्षक) ने प्रिंसिपल को हटाकर दूसरे को चार्ज सौंप दिया है।
ऐसे सामने आया घपला
अमरोहा। कालेज में तैैनात सहायक लिपिक दीपक शर्मा ने प्रबंधक के नाम संबोधित शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में छात्र छात्राओं के अभिभावकों से बिल्डिंग फीस के नाम पर जो धनराशि वसूली गई है वो प्रधानाचार्य द्वारा अपने निजी कार्यों में खर्च की गई है। यह धनराशि विद्यालय के किसी भी खाते में जमा नहीं की गई।
इस पर प्रबंधक ने कार्यवाहक प्रिंसिपल धर्मपाल सिंह से स्पष्टीकरण तलब किया था। साथ ही उनके द्वारा प्राप्त की गई धनराशि की प्रति भी उपलब्ध कराई थी, जिसे देखते ही उन्होंने 3 लाख 66 हजार 750 रुपये की धनराशि प्राप्ति कागज को गलत करार दिया। अपने हस्ताक्षर होने से इंकार कर दिया, जिससे कालेज प्रशासन में खलबली मच गई। प्रिंसिपल ने एक बाबू पर ही फर्जी साइन बनाने का आरोप लगाते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक रविदत्त को अवगत कराया और बाबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी, जिसकी प्रतियां उच्चाधिकारियों को भी भिजवाईं।
दूसरे प्रवक्ता को दिया कार्यवाहक प्रिंसिपल का चार्ज
अमरोहा। कालेज में लाखों रुपये की घपलेबाजी का मामला डीआईओएस दफ्तर तक पहुंच चुका है। विद्यालय प्रशासन में भी तनाव बना है। इसलिए मसले केे गंभीरता से लेते हुए जिविनि ने कार्यवाहक प्रिंसिपल धर्मपाल को पद से हटाकर विद्यालय में ही तैनात दूसरे प्रवक्ता अरविंद कुमार शर्मा को कार्यवाहक प्रधानाचार्य का चार्ज सौंप दिया है।
- कार्यवाहक प्रिंसिपल पर धनराशि निजी कार्यों में खर्च का आरोप था, किन्तु उन्होंने रुपये प्राप्ति दस्तावेज पर अपने साइन होने से मना किया है। उनको फर्जी बताते हुए बाबू पर आरोप लगाए हैं। मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई जाएगी। जिसकी रिपोर्ट मिलने पर ही अगला कदम उठाया जाएगा। - रविदत्त, डीआईओएस
बयान-
-मेरे फर्जी साइन किए गए हैं। साथ ही कालेज की मुहर भी गलत तरीके से लगाई गई है। बाबू के खिलाफ तहरीर दी है, लेकिन संज्ञान में आया है कि उनके साइन भी फर्जी किए गए हैं। अफसरों को बता दिया है। - धर्मपाल, कार्यवाहक प्रिंसिपल