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कोरोना आशंकित किशोर का घर में इलाज करता रहा फार्मासिस्ट

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अमरोहा। पांच दिन बुखार और सांस लेने में दिक्कत से जूझ रहे कोराना आशंकित किशोर का फार्मासिस्ट घर पर ही इलाज करता रहा। हालत बिगड़ी तो परिजन उसके लेकर अमरोहा पहुंचे। डॉक्टर ने यहां टेस्ट कराया, लेकिन इलाज शुरू नहीं किया। हारकर परिजन जिला अस्पताल पहुंचे, जहां किशोर की मौत हो गई। हालांकि डाक्टर द्वारा कराई गई जांच में टाइफाइड और मलेरिया की पुष्टि हुई। जिला अस्पताल में किशोर को कोरोना आशंकित मानते हुए उसका सैंपल भेजा गया है। साथ किशोर के पांच परिजनों को होम क्वारंटीन कर दिया गया है।
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डिडौली थानाक्षेत्र के एक गांव के दिव्यांग किशोर को पिछले पांच दिनों से बुखार और सांस लेने की परेशानी से जूझ रहा था। किशोर का इलाज पास आउट फार्मासिस्ट कर रहा। वह घर पर ही ड्रिप चढ़ाता रहा। सोमवार की सुबह किशोर की हालत बिगड़ी तो परिजन उसे लेकर नगर के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर ने उसकी जांच कराई। लेकिन उन्होंने किशोर को इलाज नहीं किया। बल्कि मुरादाबाद लेकर जाने की सलाह दी। परिजन उसे लेकर मुरादाबाद पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने किशोर देखे बिना ही लौटा दिया। इसके बाद भी परिजन असमौली क्षेत्र के अप्रशिक्षित डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे। उसके कहने पर परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां एक घंटे के भीतर किशोर की मौत हो गई थी। किशोर की मौत के बाद टेस्ट रिपोर्ट मिली। जिसमें टायफाइड और मलेरिया की पुष्टि हुई थी। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने किशोर के कोरोना संक्रमित होने की आशंका जताई है। इसलिए उसकी मौत के बाद सैंपल कराया गया है। कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत डॉक्टरों की मौजूदगी में किशोर का अंतिम संस्कार कराया गया। किशोर के माता-पिता समेत परिवार के पांच लोगों को होम क्वारंटीन कराया गया है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग किशोर का इलाज करने वाले फार्मासिस्ट के खिलाफ तहरीर देने की बात कह रहा है। जबकि डिडौली पुलिस तहरीर मिलने के इंकार कर रही है।
किशोर का इलाज पास आउट फार्मासिस्ट कर रहा था। डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के मुताबिक बुखार और सांस लेने में दिक्कत होना करोना के लक्षण है। ऐसे में फार्मासिस्ट को इलाज करने का अधिकार नहीं हैं। जबकि वह चार दिन तक उसका इलाज करता रहा। डिडौली कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आरोपी फामार्सिस्ट के खिलाफ तहरीर दी गई है।
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- डॉ सुरेंद्र सिंह, नोडल अधिकारी अमरोहा
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मुझे कोई तहरीर नहीं मिली है। अगर तहरीर मिलती है तो आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- शरद मलिक, इंस्पेक्टर डिडौली
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