अमरोहा। मुश्किल हालात में रखकर अपनी हिम्मत और डाक्टरों की मेहनत से कोरोना को शिकस्त देने वाले विजेताओं के चेहरे अपनों को देखकर खिल उठे हैं। अब ये कोरोना विजेता दूसरों को नसीहत दे रहे हैं। सभी का एक स्वर में कहना है कि कोरोना की सबसे बड़ी दवा आपका एहतियात है। इस बीमारी से बचने के लिए एहतियात बहुत जरूरी है। एहतियात यह है कि एक दूसरे से फासले बनाएं। पास आने वालों से दूर रहें। इस बीमारी से बचें। अपनी हिफाजत करें। जब आप अपनी हिफाजत करेंगे तो आपके अपने खुद ब खुद कोरोना से महफूज हो जाएंगे। लॉकडाउन का पालन करें। सोशल डिस्टेंस अपनाए। वरना आपकी गलती आपको और आपके अपनों को मुश्किल में डाल सकती है।
दो दिन नोएडा रुकना गलती हो गई
अमरोहा। जोया ब्लाक के कालाखेड़ा निवासी 28 वर्षीय मोहम्मद अरकान ओला में अपनी कार चलाते हैं। उनकी कार का नोएडा सेक्टर 140 में एक्सीडेंट हो गया था। जिसे लाने के लिए नोएडा गए थे। जहां वह दो दिन रुके थे। मोहम्मद अरकान का कहना है कि दो दिन वहां रुककर मैंने गलती कर दी। नमाज पढ़कर दिन काटे हैं। अल्लाह का करम रहा है। लोग इस बीमारी बचने के लिए घर में रहें। कोई गलती न करें।
बीमारी से बचें, अपनी हिफाजत करें
अमरोहा। रजबपुर निवासी 52 वर्षीय असलम ने बताया कि पिछला बीस दिन काफी मुश्किल भरा रहा। क्वारंटीन सेंटर से लेकर टीएमयू हास्पिटल में रखा गया। लेकिन हिम्मत नहीं हारी। नमाज अदा करता रहा और खुदा की इबादत में लगा रहा। अस्पताल में डाक्टरों ने पूरा ख्याल रखा। उन्होंने लोगों से इस बीमारी बचने की अपील की है। आप अपनी खुद हिफाजत करें।
वरना आप मुश्किल में पड़ सकते हैं
अमरोहा। जोया ब्लाक के गांव फत्तेहपुर माफी निवासी 32 वर्षीय तौहीद का कहना है कि ड्राइवर है। कार चलाते हैं। वह गाड़ी लेकर दिल्ली गए थे। इस गलती के चलते उन्हें 25 दिन अपने परिवारवालों से दूर रहना पड़ा। इस बीमारी से बचने के लिए घर में रहे। लॉकडाउन का पूरा पालन करें। वरना आप मुश्किल में पड़ सकते हैं।
घर में रहना ही कोरोना से बचाव
अमरोहा। शहर के एक मदरसे में पढ़ाई करने वाले बिहार के पूर्णिया निवासी पंद्रह वर्षीय मोहम्मद फैजान का कहना है कि मुश्किल दौर में खुदा को याद करता रहा। साथ यही दुआ करता रहा है कि कोई भी इस बीमारी की जद में न आए। फैलने वाली इस बीमारी से बचने के लिए घर रहें। बाहर न निकलें। यही इस बीमारी से बचाव है।