अमरोहा। बाजार में नकली नोट चलाने की कोशिश करने वाले रामपुर निवासी मशरूर को अदालत ने दोषी करार देते हुए दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। फैसला सुनाए जाने के बाद अब तक जमानत पर चल रहा दोषी हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
करीब पंद्रह साल पुराने इस मामले का फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत ने सुनाया।
अभियोजन के अनुसार 13 जून 2011 को तत्कालीन दरोगा वीआर विक्रम एक्शन मोबाइल ड्यूटी के दौरान बिजलीघर चौराहे पर मौजूद थे। उसी दौरान कांस्टेबल योगेंद्र सिंह और रामनिवास शर्मा भी वहां मिले। तभी एक मुखबिर ने सूचना दी कि एक व्यक्ति मीट की दुकान पर नकली नोट चलाने की फिराक में खड़ा है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक हजार रुपये के तीन नोट बरामद हुए, प्रथम दृष्टया दो नोट संदिग्ध लगे।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मशरूर निवासी सेंडोवाला थाना टांडा जिला रामपुर बताया। बाद में नोटों को स्टेट बैंक में जांच के लिए भेजा गया, यहां बैंक कर्मियों ने भी रुपयों को जाली बताया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बृहस्पतिवार को न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए दस साल की सजा सुनाई और एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। संवाद