सीएचसी में रूम हीटर से नवजात बच्ची के पैर झुलसने के मामले में सीएमओ ने संविदा पर तैनात स्टाफ नर्स की लापरवाही मानते हुए उसकी सेवा समाप्त कर दी है। इसके अलावा चिकित्सा अधिकारी से भी जवाब तलब किया है। इससे चिकित्सा कर्मियों में खलबली मची हुई है।
नगर के मोहल्ला राजपूत कॉलोनी निवासी शिवेंद्र शर्मा की पत्नी साक्षी शर्मा ने 27 दिसंबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्ची को जन्म दिया था। स्टाफ नर्स ने बच्ची को रूम हीटर के नजदीक लिटा दिया गया था। इससे बच्ची के पैर झुलस गए थे। परिजन उसे आनन-फानन में निजी अस्पताल ले गए थे। बुधवार को बच्ची के पिता ने थाने में तहरीर देकर स्टाफ नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। सीएमओ को भी पत्र भेजकर शिकायत की थी।
बुधवार देर रात में ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सौभाग्य प्रकाश और उपजिलाधिकारी विजय शंकर ने शिवेंद्र के घर पहुंच कर परिजनों से बातचीत की थी। गुरुवार सुबह को अपर जिलाधिकारी विनय कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक अजय प्रताप सिंह ने थाने बुलाकर शिवेंद्र से घटना की जानकारी ली। बाद में सीएमओ ने प्रथम दृष्टया लापरवाही का दोषी मानते हुए संविदा स्टाफ नर्स की सेवा समाप्त कर दी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हसनपुर में रूम हीटर के कारण बच्ची के पैर झुलसने के प्रकरण की गहराई से जांच पड़ताल की गई। प्रथमदृष्टया संविदा स्टाफ नर्स बेबी तहरीमा की लापरवाही सामने आई है। स्टाफ नर्स की सेवा समाप्त कर दी गई है। साथ ही चिकित्सा अधीक्षक से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
-डॉ. सौभाग्य प्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अमरोहा