अमरोहा। भीषण गर्मी में बिजली की मांग ओर ज्यादा बढ़ गई है। पिछले पांच दिन डेढ़ करोड़ यूनिट की खपत बढ़ गई है। जिससे इन दिनों जिले में 183 मिलियन यूनिट की खपत चल रही है। कुछ दिन पहले 167 मिलियन यूनिट की मांग थी। बिजली खपत बढ़ने पर कटौती में भी बढ़ोतरी हो गई है। ओवरलोडिंग की वजह से ट्रांसफार्मर भी जवाब देने लगे हैं। हांफते ट्रांसफार्मरों को पानी डालकर या कूलर-पंखे चलाकर ठंडा किया जा रहा है।
बढ़ती गर्मी को देखते हुए बिजली की खपत भी तेजी से बढ़ रही है। साथ ही बिजली मरम्मत कार्य के लिए घोषित कटोंं के साथ ही अघोषित कटों में भी वृद्धि हो रही है। बृहस्पतिवार को भी भीषण गर्मी में चरमराई बिजली आपूर्ति व्यवस्था से उपभोक्ताओं का पसीना छूट रहा है। सोमवार रातभर हर आधा घंटे में बिजली ट्रिपिंग होती रही।
मंगलवार को दिन में भी कई बार बिजली आपूर्ति बाधित हुई। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बीते दो दिन से भीषण गर्मी पड़ रही है। सुबह दिन निकलते ही भीषण गर्मी शुरू हो जा रही है। चिलचिलाती धूप में लोग घरों में कैद होने के लिए मजबूर हैं। सोमवार को दिनभर भीषण गर्मी रही। ऐसे में बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी चरमरा गई। हर आधा घंटे में बिजली की ट्रिपिंग होती रही। रातभर यही क्रम चलता रहा।
दोपहर के समय हो रही बिजली कटौती
गर्मियों के कारण बिजली आपूर्ति भी बाधित हो रही है और जिलेभर में अनेक स्थानों पर दोपहर व रात के समय कई बार बिजली कटौती की जा रही है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। गर्मियों के दिनों में लोग गर्मी से बचाव के लिए फ्रिज, कूलर, पंखे और एसी जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग करते हैं। इससे बिजली की खपत बढ़ जाती है। अधिक तापमान होने के कारण बिजली की तारों में भी फॉल्ट की समस्या बनी रहती है।
बिजली कटौती से हाहाकार, शहर से लेकर गांव तक लोग बेहाल
हसनपुर। भीषण गर्मी में बिजली की अघोषित कटौती से हसनपुर व आसपास के गांवों के लोगों को जीना मुहाल हो गया है। ट्रांसफार्मर ओवरलोडिंग की वजह से हांफने लगे हैं। उन्हें ठंडा रखने के लिए पंखों का सहारा लिया जा रहा है। ट्रांसफार्मरों को ठंडा करने के लिए विद्युतकर्मियों को भी पसीना बहाना पड़ रहा है।
बुरावली, जयतोली, रहरा, देहरा मिलक, आदमपुर व ढबारसी जैसे प्रमुख बिजलीघरों से जुड़े गांवों को भी सुचारू रूप से बिजली नहीं मिल पा रही है। किसानों के लिए यह स्थिति और भी विकराल है। सिंचाई के लिए उन्हें तीन से चार घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी फसलें सूखने के कगार पर हैं। रात में बिजली की ट्रिपिंग, लो वोल्टेज होने से नींद पूरी नहीं हो पा रही है, वहीं दिन में भीषण गर्मी में लोगों को कूलर-पंखे के बिना रहना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने और पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही हालात नहीं सुधरे तो उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
पिछले दिनों के मुकाबले पांच दिन में करीब पंद्रह मिलियन यानी डेढ करोड़ यूनिट की खपत बढ़ गई है। ओवरलोड के चलते धधकते ट्रांसफार्मरों को पानी डालकर या कूलर-पंखा चलाकर ठंडा करना पड़ रहा है। -सुनील कुमार, एसई बिजली