गजरौला। औद्योगिक क्षेत्र में दिल्ली-लखनऊ रेलवे लाइन पर 91 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज बनाने का काम शुरू हो गया है। ठेकेदार को 24 माह में इसका निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। ठेकेदार के कर्मचारी रेलवे लाइन की दोनों तरफ मिट्टी के नमूने लेने में लग है। 130 फीट गहराई से मिट्टी के नमूृने दस स्थानों से लिए जाएंगे।
औद्योगिक क्षेत्र में स्थित फेस-2 और फेस-3 की फैक्टरियों के बीच कनेक्टीविटी में दिल्ली-लखनऊ रेलवे लाइन बाधा बनती है। तैयार माल भेजने या कच्चा माल मंगाने में कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। इस बाधा को दूर करने के लिए औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने रेलवे और उत्तर प्रदेश सेतु निगम के अधिकारियों के साथ रेलवे लाइन का भ्रमण किया था और पिछले साल ओवरब्रिज बनाए जाने को मंजूरी दी। उत्तर प्रदेश सेतु निगम की गाजियाबाद इकाई को कार्यदायी संस्था बनाया। उसने प्रस्ताव तैयार किया जिसके मुताबिक ओवरब्रिज चौड़ाई 18 व यह 70 मीटर लंबा होगा। लाइन के दोनों तरफ 24-24 मीटर लंबाई रहेगी। इसके अलावा 700 मीटर लंबी अप्रोच बनेगी जिसमें एक तरफ करीब 360 मीटर और दूसरी तरफ 340 मीटर लंबी बनेगी।
ओवरब्रिज पर 91 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यूपीसीडा ने सेतु निगम को 22 करोड़ की किस्त जारी की। जिसके बाद कार्यदायी संस्था ने ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी और हिलवे कंस्ट्रक्शन कंपनी ने ठेका लिया। कंपनी को सेतु निगम ने 24 महीने में निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। ठेकेदार ने ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू करा दिया। कर्मचारी लाइन की दोनों तरफ मिट्टी का नमूने ले रहे है। नमूने 130 फीट की गहराई से लिए जाएंगे। इसके लिए वह डीजल से चलने वाली पावर विंच मशीन लेकर आए हैं। सेतु निगम के एई जफर रजा ने बताया कि रिकॉर्ड में 29 सितंबर से ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू माना जाएगा जिसे 24 महीने में पूर्ण करना है।
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औद्योगिक क्षेत्र में रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। ठेकेदार के कर्मचारी काम में लग गए हैं। ठेकेदार को दो साल में ओवरब्रिज निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। -धर्मेंद्र कुशवाहा, प्रबंधक यूपीसीडा बरेली