अमरोहा रेलवे स्टेशन पर सर्विस रायफल से खुद को गोली मार कर आत्महत्या करने वाले बागपत में तैनात कांस्टेबल तैयब खान उर्फ सोनू का शव शनिवार को गांव पहुंचा। जनाजे में तमाम ग्रामीण शामिल हुए। दोपहर में उसके शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।
मृतक सिपाही तैयब खान उर्फ सोनू जोया के मोहल्ला चौधरियान में रहने वाले रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर शौकीन अहमद के बेटे थे। वर्ष 2015 बैच के तैयब खान की तैनाती बागपत में न्यायालय सुरक्षा में चल रही थी। तीसरे चरण के मतदान में सुरक्षा के लिहाज से उनकी ड्यूटी संभल जनपद में लगी थी।
जिला संभल अमरोहा से सटा हुआ है, इसलिए तैयब अपनी रवानगी कराने के बाद बुधवार को घर आ गए थे। शुक्रवार की शाम करीब साढ़े चार बजे तैयब सर्विस राइफल के साथ घर से निकले। उसके बाद सिपाही अमरोहा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर के यात्री बेंच पर जाकर बैठ गए थे।
यहीं पर उन्होंने अपने पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुप में लिखा, जो मैं करने जा रहा हूं, मुझे माफ करना, उसे मेरी बुजदिली मत समझना, इसके अलावा कोई रास्ता नहीं है। इसके बाद तैयब ने अपनी सर्विस राइफल को जबड़े से सटकर आत्महत्या कर ली।
जानकारी मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और अमरोहा नगर कोतवाली पुलिस पहुंच गई थी। अपर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार व एसपी रेलवे आशुतोष शुक्ला ने घटनास्थल का मुआयना किया था। उधर, शनिवार को भी चर्चाएं रहीं कि परिवार से विवाद के चलते तैयब ने यह कदम उठाया। हालांकि, परिजन इस बारे में कुछ नहीं बता पा रहे हैं।
एएसपी ने बताया कि शनिवार को दो डॉक्टर के पैनल से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया था। उधर, जीआरपी के चौकी प्रभारी सचिन मलिक का कहना है कि परिजनों ने मामले में किसी भी तरह की कार्रवाइ से इन्कार किया है।