अमरोहा। उत्तराखंड के खानपुर के विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस में हरियाणा की युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में बिजनौर जेल में बंद सिपाही प्रमोद ने जमानत के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। जमानत अर्जी पर अदालत ने थाना पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। अब मामले में पांच अक्तूबर को सुनवाई होगी। पुलिस रिपोर्ट मिलने के बाद अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई होगी। वहीं, प्राथमिकी में नामजद अन्य आरोपियों ने अभी तक जमानत के लिए न्यायालय की शरण नहीं ली है।
हरियाणा के फतेहाबाद जिले की रहने वाली युवती का आरोप है कि एक महिला मित्र ने उसकी मुलाकात सीआरपीएफ में तैनात हेड कांस्टेबल मोहित से कराई थी। मोहित मुजफ्फरनगर के शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव सौरंग का रहने वाला है। 21 सितंबर को वह सोनीपत में मोहित से मिली थी। मोहित ने घूमने चलने की बात कहकर उसे अपनी कार में बैठा लिया। आरोप है कि मोहित उसे सोनीपत से मेरठ ले गया। वहां उसने सीआरपीएफ में तैनात इंस्पेक्टर लालाराम यादव को भी कार में बैठा लिया। तीनों मेरठ में एक होटल में रुके थे। अगले दिन तीनों कार से हसनपुर पहुंचे। आरोप है कि हसनपुर कोतवाली के गेट के पास सादे कपड़ों में मौजूद दरोगा संजय तोमर भी उनकी कार में सवार हो गया। इसके बाद सभी झूलपुरी स्थित फार्म हाउस पहुंचे और वहां कमरे लिए। कुछ देर बाद मुजफ्फरनगर के फुगाना थाना क्षेत्र के गांव खेड़ामस्तान निवासी सिपाही प्रमोद कुमार खाना और शराब लेकर फार्म हाउस पहुंचा। रात में खाना-पीना हुआ।
आरोप है कि इसके बाद मोहित, लालाराम यादव और संजय तोमर जबरन युवती के कमरे में घुस आए और उसके साथ दुष्कर्म किया। कुछ देर बाद प्रमोद कुमार भी कमरे में पहुंचा। युवती ने उसे धक्का देकर बाहर निकाल दिया और कमरे को अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद उसने पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस ने उसी रात फार्म हाउस पर छापा मारकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। अगले दिन पूछताछ के बाद आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। बाद में चारों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी मोहित सीआरपीएफ की पांचवीं बटालियन दिल्ली में हेड कांस्टेबल है, जबकि लालाराम यादव सीआरपीएफ की 156वीं बटालियन न्यू बोगाई गांव, असम में निरीक्षक के पद पर तैनात है। घटना में इस्तेमाल कार भी पुलिस के कब्जे में है। अधिवक्ता कपिल चिकारा ने बताया कि सिपाही प्रमोद की जमानत अर्जी पर पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर पांच अक्तूबर को सुनवाई होगी।