अमरोहा। पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली के खिलाफ वीडियो वायरल करने के मामले में कांग्रेस नेता सचिन चौधरी की मुश्किलें बढ़ गई है। उन पर पार्टी की छवि धूमिल करने का आरोप है। साथ ही दानिश अली को अपशब्द कहने व उनके विरुद्ध धमकी भरी भाषा का प्रयोग करने के मामले में सचिन से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। सात दिन में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं देने पर सचिन के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। अनुशासन समिति के सदस्य पूर्व विधायक श्याम किशोर शुक्ला की ओर से जारी की गई चिट्ठी बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई। कांग्रेसी नेता सचिन ने उसे व्हाट्सएप पर वायरल किया है।
लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारी की दावेदारी से शुरू हुई कांग्रेस नेता सचिन चौधरी और पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली के बीच की रार अब भी बरकरार है। दो माह पहले गढ़मुक्तेश्वर में एक प्रेसवार्ता में दानिश अली ने किसी सवाल के जवाब में सचिन को पहचानने से मना कर दिया था। जवाब में सचिन ने एक वीडियो वायरल कर पूर्व सांसद पर तीखा प्रहार किया। करीब 16 मिनट से ज्यादा के वीडियो में सचिन ने फोन स्क्रीन पर एक फिल्म का शॉट भी दिखाया, जिसमें नायक और खलनायकों के स्थान पर उनके व पूर्व सांसद के चेहरे फिट किए गए थे।
वीडियो में खुद के बयान की रिकॉर्डिंग भी शामिल की है जिसमें उन्होंने दानिश अली को निशाने पर रखते हुए कहा था कि दानिश मुझे नहीं जानते कोई बात नहीं। अगर आप मुझे नहीं जानते यह सोचने का विषय है। मैं ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी का मेंबर हूं। मैं कांग्रेस में जनरल सेक्रेटरी रहा हूं। मैं पार्लियामेंट का चुनाव भी लड़ा हूं। अभी तक दानिश अली कांग्रेस में मेंबर भी नहीं है। छह साल में तीन पार्टी बदल चुके हैं। दुश्मनी आप करिये आपका हक है लेकिन हमारे लोगों को बरगलाइए मत। पूरे क्षेत्र को पता है कि आप जिला अध्यक्ष नहीं बनवा पाए। यदि आप यह चाह रहे हैं कि बड़े नेताओं का नाम लेकर किसी को डरा लेंगे तो ऐसा नहीं होगा। अपनी भाषा शैली में सुधार करिये, सम्मान देंगे सम्मान मिलेगा।
इस पर पूर्व सांसद दानिश अली ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए वीडियो दो महीने पुराना बताया था जिसमें उन्होंने सचिन नाम के व्यक्ति को पहचानने से मना कर दिया था। कहा था कि मैं इसे स्तर ही नहीं समझता। अगर हम हर किसी का जवाब देंगे तो कर ली राजनीति। आज की तारीख में वह पार्टी में कोई पदाधिकारी भी नहीं है। हमने संगठन से कुछ फर्जी लोगों की रुखसती कर दी है, इसलिए बौखला रहे हैं। दोनों नेताओं की जुबानी जंग इन दिनों कांग्रेस समेत अन्य संगठनों के बीच भी चर्चा का विषय बनी है।
मैं ऑल इंडिया कमेटी का मेंबर हूं। मेरा प्रदेश कमेटी से कोई मतलब नहीं है। मुझे एक महीने पहले भी एक पत्र जारी करके एक साल के लिए निष्कासित किया गया था। अब यह दूसरी चिट्ठी जारी की गई है। इन पत्रों को दानिश अली वायरल करा रहे हैं। यदि अब वाली चिट्ठी सही है तो पहले वाली फर्जी चिट्ठी को वायरल करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। दानिश अली की इतनी हैसियत नहीं है कि वह पार्टी से निकलवा दें। यदि पार्टी से निकाल भी दिए जाएंगे तो फिर भी हम कांग्रेसी रहेंगे। एक आदमी को पार्टी से कितनी बार निकाला जाएगा।- सचिन चौधरी, कांग्रेस नेता
-
कांग्रेस में स्वच्छता अभियान शुरू हो चुका है। कुछ लोग बौखलाए हुए हैं। अनुशासन का उल्लंघन जो भी करेगा, उसके ऊपर पार्टी संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगी। पार्टी की छवि को किसी भी कीमत पर धूमिल नहीं होने दिया जाएगा। जो जालसाज लोग हैं, जिनके ऊपर ठगी व जालसाजी के मुकदमे हैं, पार्टी उनकी भी जांच कर रही है। आमतौर पर देखा गया है कि लोग आत्महत्या करने से पहले वीडियो वायरल कर देते हैं। सचिन चौधरी का यह वीडियो राजनीतिक आत्महत्या करने से पहले का है।-इंद्रेश कुमार शर्मा, शहर अध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी