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Amroha News: सर्किल रेट से चार गुना मिले जमीन का मुआवजा, चार घंटे चला किसानों का धरना

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Compensation for land received four times the circle rate, farmers protest for four hours - फोटो : JPNAGAR
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भाकिय टिकैत गुट के बैनर तले मध्य गंगा नहर में गई जमीन का मुआवजा सर्किल रेट से चार गुना लेने की मांग लेकर ग्रामीण धरने पर बैठ गए। सुरक्षा के मद्देनजर तीन थानों से भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। एडीएम के आश्वासन पर धरना समाप्त हो गया।
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सोमवार को मध्य गंगा नहर की पुलिया के पास सुबह आठ बजे जैसे ही जेसीबी नहर की खुदाई कराने के लिए पहुंची तो रामपुर घना, कूबी, मोहनपुर जानिब, घंसूरपुर के ग्रामीण मौके पर पहुंचना शुरू हो गए और जेसीबी से खुदाई को रुकवा दिया। सुबह दस बजे के करीब भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष दानवीर सिंह के नेतृत्व में तमाम किसान जोया रोड स्थित मध्य गंगा नहर की पुलिया के पास एकत्र हुए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी जमीन का सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा मिले। जब उनकी जमीन का नहर के समीप का रेट 27 लाख बीघा है, जबकि थोड़ा आगे जमीन का रेट केवल पचास हजार रुपये बीघा रखा गया है। सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिलना चाहिए। तभी वे अपनी जमीन मध्य गंगा नहर में देंगे। किसानों के उग्र तेवर को देखते हुए मौके पर एडीएम भगवान शरण, एएसपी राजीव कुमार सिंह, एसडीएम सदर अनिल कुमार, एसडीएम नौगांवा सादात सुधीर कुमार, सीओ सिटी विजय कुमार राणा, सीओ धनौरा अरुण कुमार समेत थाना अमरोहा देहात, डिडौली, रजबपुर का पुलिस फोर्स मौकेे पर पहुंच गई। एडीएम से भाकियू पदाधिकारियों ने वार्ता की। वार्ता के बाद तय हुआ कि बुधवार को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधि मंडल डीएम बीके त्रिपाठी से मिलेगा और अपना पक्ष रखेगा। इसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। भाकियू जिलाध्यक्ष चौधरी रामपाल सिंह ने कहा कि बुधवार को डीएम बीके त्रिपाठी से किसान मिलेंगे। मांग पूरी न होने पर आंदोलन को आगे जारी रखने पर निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान मुख्य रूप से शीशपाल सिंह, मोहन, धर्मेंद्र, राजीव, मुजम्मिल, इंतेजार, कुलदीप आदि मौजूद रहे।
यह है विवाद........
भाकियू टिकैत जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह ने बताया कि वर्ष 2012 में जब कांग्रेस की सरकार सत्ता में थी, तब किसानों ने मुआवजे के लिए आंदोलन किया था। जिस पर सरकार ने किसानों की जमीन अधिग्रहण करने पर सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने की घोषणा की थी, जबकि अब सिंचाई विभाग केवल सर्किल रेट दे रहा है। किसानों को उनकी जमीन के मुआवजा का एक रुपये भी नहीं दिया गया। न ही अधिग्रहित भूमि का बैनामा कराया गया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने किसानों से उनकी सहमति वर्ष 2008 में ले ली थी। उनकी सहमति लेकर ही जमीन अधिग्रहीत की गई थी। अब केवल निर्माण शुरू करना है। वे वर्ष 2012 के आधार पर अधिग्रहीत भूमि का चार गुना मुआवजा क्यों दें।
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चार घंटे तक प्रशासन सक्रिय रहा
किसानों के आंदोलन को देखते हुए तीन थानों की पुलिस फोर्स से लेकर मौके पर एडीएम, एसडीएम, सीओ स्वयं तैनात रहे और किसानों का समझाने का प्रयास करते रहे। एडीएम से वार्ता के बाद ही किसान माने और अपने धरने को खत्म किया। किसानों के जाने के बाद ही पुलिस, प्रशासन ने राहत की सांस ली। चार घंटे तक उनकी सांसे अटकी रहीं।

Compensation for land received four times the circle rate, farmers protest for four hours- फोटो : JPNAGAR

Compensation for land received four times the circle rate, farmers protest for four hours- फोटो : JPNAGAR

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