मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा की समीक्षा बैठक को भी अफसरों ने गंभीरता से नहीं लिया। छह अधिकारी समीक्षा बैठक से नदारद रहे। वहीं राजस्व विभाग की वसूली और विकास कार्यों की प्रगति भी खराब मिली है। इस पर कमिश्नर ने छह अधिकारियों का वेतन रोकने, खराब वसूली पर एडीएम, एआईजी स्टांप को लिखित में कड़ी चेतावनी के आदेश दिए हैं। वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर को एडवर्स एंट्री जारी की है।
मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे में पहले दिन कलक्ट्रेट सभागार में राजस्व वसूली और विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान अधिशासी अभियंता सिंचाई राजेश यादव, क्षेत्रीय अभियंता पैकफेड अजयपाल, एक्सईन बाढ़खण्ड सुरेंद्र यादव सहित तीन अन्य अधिकारियों का वेतन रोक दिया। छह अधिकारी बैठक से नदारद रहे।
एडीएम वित्त एवं राजस्व को लिखित में कड़ी चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एआरटीओ प्रशासन को भी चेतावनी जारी की। डिप्टी कमिश्नर को कम वसूली पर प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई। एआईजी स्टाम्प को चेतावनी दी। विविध देय में कम प्रगति पर एडीएम को चेतावनी दी गई। विद्युत विभाग की प्रगति अच्छी पाई गई।
एआरटीओ प्रशासन को भी चेतावनी
सड़क सुरक्षा नीति के अंतर्गत ठोस कार्रवाई न करने पर एआरटीओ प्रशासन को चेतावनी दी गई। वह सड़क हादसों में जान गंवाने वाले पीड़ितों की याद और सुरक्षित यातायात के नियमों की जानकारी देने के लिए विशेष कार्य नहीं करा पाए और न ही कमिश्नर को ठोस जवाब दे पाए। प्रधानाचार्य आईटीआई भी लाभार्थियों को प्रशिक्षण और रोजगार देने के संदर्भ में ठोस जानकारी नहीं दे पाए।
सीएनडीएस का रिवाइज्ड एस्टीमेट कैंसिल किया
मंडलायुक्त ने सीएनडीएस का रिवाइज्ड एस्टीमेट कैंसिल कर दिया। कहा कि जो प्रोजेक्ट सितंबर तक पूरा होना था उसको समय से पूरा करने की जिम्मेदारी सीएनडीएस की थी। पूरा पैसा फरवरी 2015 में दिया जा चुका था।उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी फील्ड में निकले और कार्यों की गुणवत्ता परखे। बैठक में डीएफओ भरतलाल भी अनुपस्थित थे। जिनका स्पष्टीकरण मांगा गया है और वेतन रोका गया है। डीएम वेदप्रकाश, सीडीओ, डीडीओ, एडीएम, सभी एसडीएम व जिला स्तरीय अधिकारी, सीएमओ कार्यदायीं संस्थाओं के अभियंता आदि मौजूद रहे।