Come now let's go... the pilgrims returned in the style, the city of tents started getting deserted
- फोटो : GAJRAULA
तिगरी मेले में कार्तिक पूर्णिमा पर मुख्य स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान कराए। इसके बाद मेले में खरीदारी कर डेरे समेट घर लौटने का सिलसिला शुरू कर दिया। इसके चलते तिगरी से लेकर कांकाठेर तक वाहनों का रेंग-रेंगकर चलने का सिलसिला जारी रहा।
मंगलवार को मुख्य स्नान के साथ ही तिगरी मेला संपन्न हो गया। कार्तिक पूर्णिमा पर भोर होते ही लाखों श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के जयघोष के साथ गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। मेले में चाट पकौड़ी खाए और घर के लिए सामान की खरीदारी की। इसके बाद एकाएक गंगा की रेती में गाड़े गए तंबुओं को उखाड़ना शुरू कर दिया। मेले में दूसरे जनपदों और दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने अधिकांश सामान को रात में ही पैक कर लिया था। दस दिन तक तंबुओं की नगरी में रहने वाले श्रद्धालु आ अब लौट चलें... के अंदाज में अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, कार आदि वाहनों से अपने गंतव्य की ओर लौटने शुरू कर दिया। गंगा किनारे बसी तंबुओं की नगरी श्रद्धालुओं के लौटने के साथ वीरान सी लगने लगी है।