तबादला होने के 11 दिन बाद भी बिना चार्ज छोड़े छुट्टी पर गए जोया सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुखदेव सिंह को फटकार के बाद वापस आकर शनिवार को नए प्रभारी डॉ. कुणाल पाराशर को चार्ज देना पड़ा। मामले में डीएम और विभागीय उच्च अधिकारियों ने भी सीएमओ को भी फटकार लगाई है।
चर्चा है कि शासन ने भी सीएमओ से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही 15 से 20 सालों से एक ही सीएचसी पर जमे डॉक्टरों का ब्योरा मांगा है। यही वजह है कि माह के दूसरे शनिवार की छुट्टी होने के बाद भी सीएमओ कार्यालय खुला रहा और जोया सीएचसी में अलग ही माहौल देखने को मिला।
डॉक्टरों की मनमानी से लग रहा है कि उनके ऊपर सीएमओ का अंकुश नहीं है। हालांकि, चार्ज लेने के बाद डॉ. कुणाल ने डॉक्टरों व अन्य स्टाफ को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। साथ ही कांवड़ यात्रा को लेकर भी सतर्क रहने की हिदायत दी है। बीते माह प्रभारी मंत्री केपी मलिक ने दौरे के दौरान अस्पताल में गंदगी मिलने पर चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. सुखदेव सिंह से नाराजगी जताकर कार्यप्रणाली सुधारने की चेतावनी दी थी। साथ ही सीएमओ को भी फटकार लगाई थी।
एक जुलाई को सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने जोया सीएचसी प्रभारी डॉ. सुखदेव सिंह को उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी अमरोहा के पद पर तैनात किया था जबकि सीएमओ कार्यालय में संबद्ध डॉ. कुणाल पाराशर को जोया सीएचसी की जिम्मेदारी सौंपी थी। डॉ. सुखदेव 10 साल से जोया सीएचसी में प्रभारी के पद पर तैनात थे।
हालांकि, तबादला होने के 11 दिन बाद भी डॉ. कुणाल को सीएचसी का चार्ज नहीं मिल पाया था। इसके अलावा सीएमओ ने जोया सीएचसी में तैनात डॉ. फरीद हुसैन का तबादला रहरा सीएचसी और अमरोहा सीएचसी में तैनात डॉ. मोहम्मद जावेद का तबादला ढबारसी सीएचसी में किया था। शुक्रवार को नए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुणाल ओपीडी भी की थी।
चर्चा थी कि डॉ. सुखदेव सिंह जोया सीएचसी का मोह छोड़ने को तैयार नहीं थे और बिना बताए छुट्टी पर चले गए थे। वहीं एक सीएचसी पर दो चिकित्सा अधीक्षक की तैनात और चार्ज नहीं छोड़ने का मामला कानपुर में दो सीएमओ की तैनाती के विवाद की तरह सुर्खियों था। हालांकि, फटकार के बाद डॉ. सुखदेव सिंह ने शनिवार को नए सीएचसी प्रभारी डॉ. कुणाल पाराशर को चार्ज सौंप दिया है।