अमरोहा। चीनी मांझे ने अमरोहा जिले में भी कई परिवारों को जिंदगी भर न भूलने वाला जख्म दिया है। किसी की गर्दन कट गई तो कई लोग चीनी मांझे की चपेट में आकर जख्मी हो गए। चीनी मांझे से जिले में किसी की जान तो नहीं गई लेकिन गहरे जख्म जरूर दिए हैं लेकिन अब चीनी मांझे से हो रहीं लगातार मौत और घायलों की घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा संज्ञान लिया है।
चीनी मांझे से मौत के मामले में हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिए हैं। साथ ही जिले में चीनी मांझे की बिक्री पूरी तरह पाबंदी लगाने को कहा है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अमरोहा के अधिकारी भी हरकत में आ गए हैं। दुकानदारों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। अभियान चला कर कार्रवाई करने का दावा किया जा रहा है। अमरोहा जिले में भी चीनी मांझा खूब बिक रहा है।
पिछले दिनों अमरोहा शहर और कई अन्य स्थानों पर हुई घटनाएं इसका उदाहरण हैं। लेकिन, पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी चीनी मांझे पर प्रतिबंध लगाने को लेकर गंभीर नहीं है। अब मुख्यमंत्री के फरमान के बाद अधिकारी हरकत में आ गए हैं। डीएम निधि गुप्ता वत्स और एसपी अमित कुमार आनंद ने दुकानदारों का ब्योरा जुटाने के साथ अभियान चलाने की बात करने की बात कही है।
मालूम रहे कि रजबपुर थानाक्षेत्र के बल्दाना हीरा गांव के रहने वाले सिपाही शाहरुख हसन की शाहजहांपुर में 11 जनवरी 2025 को चीनी मांझे की चपेट में आकर मौत हो गई थी।
मार्च 2025 में अमरोहा के मोहल्ला कटकुई में नावेद खान की चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गर्दन कट गई थी। वहीं, गजरौला में अक्तूबर 2025 में मनोज कुमार का चेहरा चाइनीज मांझे की चपेट में आकर कट गया था।