फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amroha News: कुपोषण से जंग लड़ रहा बचपन

Mon, 14 Apr 2025 02:13 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा।
विज्ञापन

जिले में पांच हजार से अधिक मासूम का बचपन कुपोषण की चपेट में है। कुपोषण को दूर करने के लिए भले की बड़ी-बड़ी योजनाएं चलाई जा रहीं हों, लेकिन हकीकत इससे बहुत दूर है। खेलने-कूदने और जिंदगी की शुरुआत करने की उम्र में इन मासूम जिंदगियों का बचपन सेहतमंद बनने को कुपोषण से जंग लड़ रहा है। जिले में 5580 बच्चे कुपोषण से जूझ रहे हैं।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अधीन संचालित होने वाले 1314 आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुल 1,25,587 बच्चे पंजीकृत हैं। इन केंद्रों के माध्यम से गर्भवती और धात्री महिला व बच्चों को पूरक आहार दिया जाता है। इससे उनको पौष्टिकता से भरपूर जीवन मिल सके। लेकिन, इसके बाद भी कई बच्चे कुपोषण की चपेट में आ जाते हैं। वजह कुछ भी रहे, लेकिन ऐसे में इन मासूम बच्चों को बचपन कुपोषण से जूझते हुए बीतता है।
विज्ञापन

ऐसे बच्चों को कुपोषण से बाहर लाने के लिए केंद्रों पर समय-समय पर बच्चों का वजन व देखभाल की जाती है। इसके बाद गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल स्थित पोषण पुर्नवास केंद्र पहुंचाया जाता है।
इसके अलावा इन बच्चों के अभिभावकों को बच्चों के लिए दलिया, दाल ,तेल और फोर्टिफाइड चावल आदि भी उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन, इसके बाद भी जिलेभर में 5580 बच्चे कुपोषण के बीच अपना जीवन गुजार रहे हैं। इसमें 947 बच्चे अति कुपोषित और 4633 बच्चे कुपोषित की श्रेणी में हैं। जिला अस्पताल के पोषण पुर्नवास केंद्र पर भी फिलहाल 11 बच्चों का उपचार कराया जा रहा है।
किस ब्लॉक की क्या स्थिति
ब्लॉक (परियोजना)
अतिकुपोषित (सैम) कुपोषित (मैम)

अमरोहा शहर
97
529

अमरोहा देहात
152
600

धनौरा 154
487

गजरौला
123

560

गंगेश्वरी
232
917

हसनपुर
109

725

जोया
80
815
बच्चाें को कुपोषण से बाहर निकालने के लिए डीएम भी हैं गंभीर
बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालने के लिए डीएम निधि गुप्ता वत्स भी काफी गंभीर हैं। उनके द्वारा कुपोषित बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अफसरों की सुपर-30 टीम बनाई गई है। जो, कुपोषित बच्चों के परिवारों को सरकार की योजनाओं का लाभ देते हुए उनको कुपोषण की श्रेणी से बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं।

यह अधिकारी समय-समय पर गांवों का दौरा कर परिवार की स्थिति का जायजा भी लेते रहते है। डीएम के अनुसार इन बच्चों के परिवारों को उनकी जरूरत के अनुसार सरकार की ऐसी लाभ परक योजनाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे उनकी आय का कुछ स्रोत बन सके, और उनके खानपान में सुधार हो।

सुपर-30 टीम में डीएम ने जोया ब्लॉक के चुबका, सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा को जोया के अम्हेड़ा, परियोजना निदेशक अमरेंद्र प्रताप सिंह को अमरोहा के मिठनपुर की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा अन्य अधिकारियों को भी गांवों की जिम्मेदारी मिली है।
विज्ञापन

- बच्चों को कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाकर उनको स्वस्थ बनाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। डीएम भी कुपोषण को लेकर बेहद गंभीर हैं। समय-समय पर कुपोषित बच्चों के परिवारों के बीच जाकर उनका आकलन भी किया जाता है। इसके ऐसे बच्चों को पौष्टिक आहार का वितरण भी किया जाता है।
- ज्ञान प्रकाश तिवारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें