गजरौला(अमरोहा)। पड़ोसी के खुले हुए शौचालय के सेप्टिक टैंक में डूबकर सुल्तान नगर पश्चिमी मोहल्ला निवासी शहजान (2) पुत्र शाहरुख की मौत हो गई। वह बच्चों के साथ खेलते समय टैंक में गिरा था। तलाश करने निकली दादी ने मासूम का शव टैंक में उतराता हुआ औंधे मुंह पड़ा देखा तो घटना की जानकारी हुई। परिवार में कोहराम मच गया।
सुल्तान नगर मोहल्ला निवासी शाहरुख सलमानी केरल में सैलून का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि उनका बड़ा बेटा दो साल का मोहम्मद शहजान बीते रविवार को दोपहर बाद बच्चों के साथ सड़क पर खेल रहा था। उसकी मां नरगिस घर के काम में लग गई। अचानक वह घर के सामने बने पानी से भरे शौचालय के सेप्टिक टैंक में गिर गया। काफी देर तक उसे तलाश करते रहे। मगर पता नहीं चला। करीब 5 बजे उनकी मां और बच्चे की दादी बरकत टैंक की तरफ गई। यहां उसने मासूम को पानी में डूबे देखा। उसका शव औंधे मुंह पड़ा हुआ था। उसे तुरंत बाहर निकाला। परिजन उसे नगर के कई निजी अस्पतालों में ले गए। पाकबड़ा के एक निजी अस्पताल में भी लेकर पहुंचे। हर जगह उनको निराशा हाथ लगी। परिजन आधी रात के बाद पुलिस के पास पहुंचे।
घटना के बारे में पुलिस को बताया। सोमवार सुबह रिश्तेदार, परिचित और संबंधी एकत्र हो गए। घटना से परिजनों में कोहराम मचा है। सीओ अंजलि कटारिया का कहना है कि पुलिस को तहरीर नहीं मिली। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उधर बताया जा रहा है कि गणमान्य लोगों ने मामला रफा दफा करा दिया।
छह महीने से टैंक ढकने की मांग उठा रहे हैं मोहल्लेवासी
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गजरौला। पानी से भरे सेप्टिक टैंक में मासूम की डूबकर मौत से मोहल्ले के लोगाें में गम और गुस्सा हैै। खुले टैंक को ढकने के लिए मृतक मासूम के पिता और मोहल्ले के लोगों ने सैकड़ों बार कहा था, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। मोहल्लेवासियों का कहना है कि टैंक ढका हुआ होता तो मासूम की जान नहीं जाती।
सुल्तान नगर मोहल्ला निवासी शाहरुख सलमानी केे दो वर्षीय बेटे मोहम्मद शहजान की रविवार को पानी से भरे सेप्टिक टैंक में डूबकर मौत हो गई। जिसकी जानकारी होने पर सोमवार सुबह रिश्तेदार, परिचित और मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए। एकत्र लोगों में मासूम की मौत पर गम के साथ ही गुस्सा था। इस दौरान मृतक के पिता का कहना था कि उन्होंने खुले टैंक को ढकवाने के लिए सैकड़ों बार कहा। मोहल्ले के लोगों ने भी उस पर दबाव बनाया, लेकिन उसने नहीं सुनी। कहने पर मोहल्ले के लोगों को भी नहीं ढकने दिया। उसने सभी को उल्टे ही जवाब दिए। आरोप है कि यहां तक कह दिया था कि जिसका बालक डूबे या गिरेे, वह देखेे। वह खुले टैंक को ढक देता तो यह हादसा नहीं होता।
दो सप्ताह बाद मनाया जाता शहजान का जन्मदिन
गजरौला। बेटे को खोने वाले शहजाद सलमानी मूलरूप से पीपली घोसी गांव के निवासी हैं। वह चार साल पूर्व यहां पर आए थे। अपना मकान बनाकर रहने लगे। पत्नी नरगिस, मां बरकत, दो बेटों मोहम्मद शहजान और तीन माह के मोहम्मद शहरान केे साथ खुशी से रह रहे थे। सात सितंबर को शहरान का जन्मदिन है। वह दो साल का हो जाता। मोहल्ले के लोगोें ने बताया कि शाहरुख सलमानी की शानदार तरीके से शहजान का जन्मदिन मनाए जाने की तैयारी थी। इसी वजह से वह काम करने केरल नहीं गए थे। मगर कुदरत को यह मंजूर नहीं था। जन्मदिन से दो सप्ताह पूर्व ही उसकी डूबकर मौत हो गई। परिवार में कोहराम मच गया। संवाद
जानलेवा साबित हो रहे पानी से भरे खुलेे सेप्टिक टैंक
नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक खुले सेप्टिक टैंक बच्चों के लिए काल बन गए हैं। इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सुल्तान नगर पश्चिमी मोहल्ले में मोहम्मद शहजान की डूबकर मौत हो गई। कई महीने पूर्व क्षेत्र के गांव तिगरिया खादर में एक बालक की पड़ोसी के सेप्टिक टैंक में डूबने से मौत हो गई थी। पानी से भरा सेप्टिक टैंक पन्नी से ढका हुआ था। अमरोहा में दो सगे भाई भी कई साल पूर्व सेप्टिक टैंक में डूब गए थे।