गजरौला (अमरोहा)। पूर्व क्रिकेटर एवं प्रदेश सरकार के होमगार्ड कल्याण और नागरिक सुरक्षा विभाग के मंत्री चेतन चौहान का शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। सोमवार दोपहर ब्रजघाट में गंगा के तट पर पुत्र विनायक प्रताप सिंह चौहान ने उनकी पार्थिव देह को मुखाग्नि दी। अपने प्रिय को अंतिम विदाई देते समय तट पर मौजूद परिजनों और समर्थकों की आंखें भर आईं।
चेतन चौहान का शव दिल्ली स्थित उनके आवास से सोमवार दोपहर करीब 2:15 बजे ब्रजघाट लाया गया। उस वक्त तक अमरोहा ही नहीं, आसपास के जिलों से भी काफी लोग घाट पर जुट चुके थे। फूलों से सजी एंबुलेंस से लाई गई पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए गंगा तट पर रखा गया। कोरोना की पाबंदियों का ध्यान रखते हुए सभी ने निर्धारित दूरी से प्रणाम किया। एंबुलेंस के करीब एक मेज पर मौजूद उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में गार्द ने अंतिम सलामी दी। पुरोहितों की देखरेख में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ी। आस्ट्रेलिया से आए उनके पुत्र विनायक प्रताप सिंह चौहान ने हल्की बूंदाबांदी के बीच जैसे ही पिता की पार्थिव देह को मुखाग्नि दी, परिवार के लोगों की आंखें बरसने लगीं। समर्थकों के बीच से चेतन चौहान अमर रहें की आवाज भी गूंजती रही।
इस दौरान चेतन चौहान की पत्नी संगीता चौहान, भाई सुरेश प्रताप चौहान, विजेंद्र प्रताप चौहान, पुष्पेंद्र चौहान, एसपीएस चौहान, पुत्री साक्षी चौहान, सुहानी सिंह सहित परिवार के अन्य लोग मौजूद रहे। तट पर पहुंचकर श्रद्धांजलि देने वालों में आरएसएस के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, आरएसएस के प्रांत प्रचारक धनीराम, हापुड़ के विधायक विजयपाल आढ़ती, गढ़ के विधायक कमल मलिक, मंडी धनौरा के विधायक राजीव तरारा, हसनपुर के विधायक महेंद्र खड़गवंशी, पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल, मंडी धनौरा के चेयरमैन राजेश सैनी समेत अन्य कई नेता भी शामिल रहे।