क्रिकेटर चेतन चौहान की राजनीति में एंट्री धमाकेदार रही। अपने सियासी कैरियर के पहले चुनाव में ही जीत दर्ज कर अमरोहा में भाजपा का खाता खोला था। वर्ष 1991 में चुनाव जीतकर वह अमरोहा से भाजपा के पहले सांसद बनने का रिकार्ड बनाया था। वह अमरोहा से दो बार सांसद चुने गए थे।
वर्ष 1957 में मुरादाबाद पश्चिम सीट को अमरोहा लोकसभा का नाम मिला था। 1957 से अब तक 16 लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। इस सीट पर सबसे अधिक तीन बार कांग्रेस और भाजपा ने जीत दर्ज की है। जबकि सीपीआई को दो बार जीत दर्ज मिली। इसके अलावा एक बार निर्दलीय के रूप में हरीश नागपाल भी विजयी रहे हैं। वर्ष 1991 के चुनाव से पहले तक यहां भाजपा का खाता नहीं खुल पाया था। 1991 के लोकसभा चुनाव भाजपा ने क्रिकेट सियायत में आए चेनत चौहान को चुनाव मैदान में उतरा था। इस चुनाव में केसरिया परचम लहराकर चेतन चौहान ने अमरोहा की राजनीति में धमाकेदार एंट्री मारी थी। पहली बार भाजपा प्रत्याशी को यहां जीत मिली। चेतन चौहान अमरोहा से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर पहले सांसद बने थे।
अब तक का अमरोहा लोकसभा का सफर
वर्ष-----विजयी प्रत्याशी---------पार्टी
1957---हिफ्जुर्रहमान----------कांग्रेस
1962---हिफ्जुर्रहमान----------कांग्रेस
1967---इशहाक संभली--------सीपीआई
1971---इशहाक संभली--------सीपीआई
1977---चंद्रपाल सिंह----------भारतीय लोक दल
1980---चंद्रपाल सिंह----------जनता पार्टी सेक्यूलर
1984---रामपाल सिंह----------कांग्रेस
1989---चौधरी हरगोविंद सिंह----जनता दल
1991---चेतन चौहान----------भाजपा
1996---प्रताप सिंह------------सपा
1998---चेतन चौहान----------भाजपा
1999---राशिद अल्वी----------बसपा
2004---हरीश नागपाल---------निर्दलीय
2009---देवेंद्र नागपाल---------रालोद
2014---कंवर सिंह तंवर--------भाजपा
2019---कुंवर दानिश अली------बसपा
नोट : अमरोहा के नाम से लोकसभा क्षेत्र 1957 में बना। इससे पहले ये सीट मुरादाबाद पश्चिम के नाम से थी।