भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने किसानों की एकता और संगठन पर बल दिया। कहा कि उनका संगठन किसानों, मजदूरों के कल्याण के लिए किसी भी संघर्ष करने को करने से गुरेज नही करेंगा। बोले एकता की वजह से ही सरकार को झुकना पड़ा और अंत में तीनों कृषि कानून वापस लेने पड़े। अब उत्तर प्रदेश में एमएसपी पर फसलों की खरीद के लिए भी आंदोलन किया जाएगा। इसकी रणनीति बनाई जा रही है।
भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी रविवार की दोपहर एक बजे नाईपुरा स्थित गुरुद्वारा भाई दया सिंह पहुंचे। यहां किसानों ने सरोपा भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि उनका संगठन किसानों, मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है, और आगे भी करता रहेगा। किसानों की एकता पर बल देते हुए कहा दिल्ली में सभी संगठनों ने मिलकर संघर्ष किया, तो केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने पड़े, जबकि सरकार कमजोर समझने की भूल कर रही थी। अब उत्तर प्रदेश में एमएसपी पर खरीद की गारंटी के लिए भी संगठन आंदोलन करेगा। इसकी रणनीति बनाई जा रही है। किसानों को उनका हक दिलाकर ही रहेंगे। देश के किसी भी प्रदेश में किसान, मजदूर का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। इस मौके पर रजिंदर सिंह, ज्ञानी जितेंद्र सिंह, सतेंद्र सिंह, यशवीर सिंह, गोपाल सिंह, हरवीर सिंह आदि मौजूद रहे। नाईपुरा गुरुद्वारा से वह बछरायूं क्षेत्र के कौराल गांव में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए रवाना हुए।
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जांच-परखने को अस्थायी रूप से नरेश को दी गई थी कमान
गजरौला। संगठन में चल रहे विवाद पर बोले कि नरेश चौधरी को अस्थायी तौर पर जिलाध्यक्ष की कमान सौंपी गई थी। उनको जांचा परखा गया था। जिस पर वह खरे नहीं उतरे। उनके संगठन में साफ सुथरी छवि का ही व्यक्ति रह सकता है। इसमें कोई सैलरी तो है नहीं। जन सेवा के लिए ही काम कर रहे हैं। गुरनाम सिंह चढूनी ने मंडल अध्यक्ष रजिंदर सिंह धारीवाल को अपने संगठन का बताया। कहा कि वह इमानदारी से काम कर रहे हैं।
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नरेश चौधरी ने दिया इस्तीफा
गजरौला। गुरनाम सिंह चढूनी के रविवार को आने और नरेश चौधरी को अस्थायी रूप से व जांच-परखने के लिए जिलाध्यक्ष की कमान देने की बात कहने के कुछ घंटे बाद नरेश चौधरी ने इस्तीफा दे दिया। नरेश चौधरी ने कहा कि उनको मनाने की काफी कोशिश की, लेकिन वह अब इस संगठन में नहीं हैं। उनके साथ के अन्य पदाधिकारी भी जल्द ही इस्तीफा देंगे। नरेश चौधरी ने भाकियू अंबावता गुट से जुडने की बात कही।