सुमित कुमार देहात थानाक्षेत्र के गांव सिहाली नारायन का रहने वाला है। वह गुर्जर महासभा के प्रदेश महासचिव होने के साथ समाजवादी पार्टी से जुड़ा है। हर साल स्वतंत्रता व गणतंत्र दिवस के मौके पर समर्थकों के साथ बाइक रैली निकालता था, लेकिन इस बार प्रशासन ने बाइक रैली निकालने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद भी 15 अगस्त सुबह सुमित ने समर्थकों के साथ गांव से रैली निकालने की तैयारी शुरू कर दी। रैली भुड्डिया मिलक गांव में स्थित शहीद तारा सिंह जाटव की मूर्ति तक जानी थी।
इसी बीच सुमित ने नन्हेड़ा चौकी परिसर से फेसबुक लाइव पेज पर वीडियो बनाई। इसमें उसने दो पुलिसकर्मियों पर हिरासत में लेकर चौकी में बैठने का आरोप लगाया। लाइव वीडियो देखकर सुमित के सैकड़ों समर्थक हाथों में डंडे लेकर चौकी पहुंच गए। यहां पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही आजादी के दिन झंडा फहराने से रोकने का आरोप लगाया। सुमित ने करीब 14 मिनट का वीडियो अपने फेसबुक पेज से लाइव किया। तिरंगे के अपमान का भी वीडियो वायरल हो गया। पुलिस ने वायरल वीडियो की जांच शुरू कर दी।
सीओ सतीश चंद पांडेय ने बताया कि सुमित कुमार पर बिना अनुमति बाइक रैली निकालने के लिए भीड़ इकट्ठा करके धारा 144 का उल्लंघन किया। सीओ के मुताबिक दरोगा सत्यदेव सिंह की तहरीर पर सुमित कुमार और उनके 15 से 20 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।