अमरोहा। साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी गजेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के मामले में नया मोड़ आ गया है। कलक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया और दुष्कर्म के आरोपी की गिरफ्तारी को गलत बताया। पुलिस पर फंसाने का आरोप लगाते हुए दूसरे जिले की पुलिस से निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
सोमवार की सुबह सैदनगली थानाक्षेत्र के गांव कुंदरकी भूड़ के ग्रामीण एकत्र होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए बताया कि सात जनवरी को करीब 4:30 बजे पुलिस ने गजेंद्र सिंह को घर से उठाया था। बाद में पुलिस ने गजेंद्र सिंह को रास्ते में पुलिस मुठभेड़ दिखाकर बिना वजह दुष्कर्म के मामले में झूठा फंसाया और जेल भेज दिया। जबकि गजेंद्र सिंह घटना के समय पीड़िता के गांव में चक्की से आटा खरीदने गया था। यहां लगे सीसीटीवी कैमरे के आधार पर पुलिस ने गजेंद्र सिंह के पैर में गोली मारी और बिना नंबर प्लेट बाइक व तमंचा कारतूस के साथ गिरफ्तार दिखाया है। जबकि गजेंद्र सिंह के पास कोई बाइक और साइकिल नहीं है। उसे ले जाते समय 15 से 20 लोगों ने पुलिस को देखा था। गजेंद्र सिंह की पत्नी विमला देवी ने पति को ले जाने से रोका तो पुलिस बिना कुछ बताएं अपने साथ ले गई।
आरोपी गजेंद्र सिंह की पत्नी विमला देवी ने उसे निर्दोष बताते हुए पुलिस पर फंसाने का आरोप लगाया है। इस दौरान डीएम को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच किसी दूसरे जिले की पुलिस से करने की मांग की है। इस मामले में भारतीय किसान यूनियन डॉ. आंबेडकर के पदाधिकारी ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।