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Amroha News: 1999 में अध्यक्ष पद के लिए हुआ था उपचुनाव

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1999 में अध्यक्ष पद के लिए हुआ था उपचुनाव
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मंडी धनौरा (अमरोहा)। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के लिए एक बार उपचुनाव भी हुआ था। हालांकि कोर्ट के आदेश पर मतगणना नहीं हो पाई थी। आज भी उपचुनाव में अपनी किस्मत आजमाने वाली दो महिलाओं को मतगणना नहीं होने का मलाल है।
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वर्ष 1995 में हुए नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर मुन्नी देवी सैनी निर्वाचित हुईं थीं। बाद में भाजपाइयों से मतभेद के चलते मुन्नीदेवी सैनी के अधिकार तीन बार सीज हो गए। वह एक दिसंबर 1995 से 12 अगस्त 1998 तक लगातार पद पर रहीं, लेकिन उनके अधिकार सीज होने की वजह से आठ मार्च 1999 तक बगैर कुर्सी के रही। सात माह तक अध्यक्ष पद रिक्त होने की वजह से अध्यक्ष पद के लिए उपचुनाव की अधिसूचना जारी हो गई। अध्यक्ष पद के लिए भारतीय जनता पार्टी ने राकेश वर्मा को व बहुजन समाज पार्टी ने बसपा नेता हाजी शरीफ अहमद की बेटी बेबी रानी को अपना प्रत्याशी बनाया था। वर्ष 1995 में हुए चुनाव में भी मुख्य मुकाबला भाजपा व बसपा प्रत्याशी के बीच ही था। दूसरी ओर उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने पर मुन्नीदेवी सैनी ने अदालत की शरण ली। वाद के अदालत में विचाराधीन होने के बीच प्रशासनिक मशीनरी ने चुनाव करा दिया। मुन्नीदेवी ने अदालत में याचिका दायर कर मतगणना पर रोक लगाने की गुहार लगाई। अदालत ने मुन्नी देवी सैनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए मतगणना पर रोक लगा दी। इस बीच मुन्नी देवी के अधिकार भी हाईकोर्ट ने बहाल कर दिए। 28 अगस्त 1999 को वह एक बार फिर से अध्यक्ष पद पर काबिज हो गईं। 30 नवंबर 2000 तक वह अध्यक्ष रहीं। उपचुनाव में अपनी किस्मत आजमाने वाली राकेश वर्मा व बेबी रानी को आज भी मतगणना नहीं होने का मलाल रहता है। उनका कहना है कि तत्कालीन प्रशासन को कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए था। अगर मतदान करा दिया गया था तो सरकार को ही कोर्ट में जाना चाहिए था। 23 साल बाद भी दोनों मतगणना होने पर अपनी जीत का दावा करते हैं।
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