अमरोहा। कर्ज से तनाव में आए इंवर्टर-बैटरी कारोबारी (40) ने दुकान के ऊपर बने कमरे में फांसी के फंदे पर लटककर जान दे दी। परिजनों ने बिना कार्रवाई के शव को सुपुर्दे खाक कर दिया। परिजन उनकी मौत से सदमे में हैं।
ये घटना कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले की है। यहां के एक व्यक्ति की ईदगाह के पास इंवर्टर-बैटरी की दुकान है। वह किस्तों पर भी इंवर्टर-बैटरी लगाते थे। बताया जा रहा है कि कारोबार में उनके ऊपर लाखों रुपये कर्ज हो गए। इसको लेकर वह काफी तनाव में चल रहे थे। शनिवार सुबह वह दुकान आए। इसी दौरान उन्होंने दुकान के ऊपर बने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। देर रात तक जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने मोबाइल पर कॉल की लेकिन रिसीव नहीं हुई। लिहाजा परिजन दुकान पर पहुंच गए। दुकान का शटर बंद था, अंदर जाकर देखा तो मोबाइल काउंटर पर रखा मिला। इसके बाद दुकान के ऊपर बने कमरे में जाकर देखा तो कमरे में उनका शव रस्सी के सहारे फंदे पर लटका मिला। परिजनों के मुताबिक उनके छह बच्चे थे। उन पर काफी कर्ज था, जिसकी वजह से परेशान रहते थे।
उनकी मौत की खबर से मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। उनकी मौत से परिजन सदमे में हैं। परिजन पुलिस को सूचना दिए बिना शव को घर ले गए और बिना कानूनी कार्रवाई के शव को सुपुर्दे खाक कर दिया। प्रभारी निरीक्षक सनोज प्रताप सिंह ने घटना की जानकारी होने से इन्कार किया है।