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पैकेज से बंद पड़े कारोबार को फिर मिलेगी रफ्तार

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अमरोहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीस लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज की घोषणा के बाद कारोबारियों की नजरें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेस कांफ्रेंस पर टिकी थीं। बुधवार शाम चार बजे वित्त मंत्री ने पैकेज का पिटारा खोला। बिना गारंटी लोन के लिए भारी भरकम रकम की एलान किया। इससे जिले के कारोबारियों को राहत मिली। जिले के ढोलक, कॉटन वेस्ट, जैकेट, बीड़ी समेत दूसरे छोटे कारोबार को राहत मिलने की उम्मीद है। कारोबारियों को कहना है कि पैकेज से छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है। बंद पड़े कारोबार को फिर से रफ्तार मिलेगी। व्यापारी वर्ग ने तीस नवंबर तक आयकर रिटर्न भरने की छूट पर खुशी जताई है।
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अमरोहा में ये कारोबार होते हैं
- ढोलक, तबला का कारोबार
- बीड़ी का कारोबार
- कास्टन वेस्ट का कारोबार
- आम का कारोबार
- जैकेट का कारोबार
- कालीन का कारोबार
ढोलक कारोबारियों की मांग
- कारोबार के लिए इंड्रस्ट्रियल एरिया बनाया जाए
- दस्तकारों के लिए टैक्स की दर पांच से दस लाख कर दी जाएगी
- अमरोहा में लकड़ी का डिपो बनवाया जाए
- लकड़ी पर जीएसटी की दर घटाई जाए
- लोहे के औजार के लिए जर्मन स्टील मुहैया कराई जाए
आम कारोबारियों की मांग
- आम कारोबार के लिए सब्सिडी बढ़ाई जाए
- अंतर्राष्ट्रीय बाजार में आम को पहुंचाने के लिए सहूलियत दी जाए
- रेफर कंटेनर की सुविधा दी जाए
- सरकार के माध्यम से कीटनाशक दवाइयां मिले
- आम की ढुलाई के लिए गांवों को सड़कों से जोड़ा जाए
काटन वेस्ट कारोबारियों की मांग
- टैक्स का सरलीकरण किया जाए
- अन्य राज्यों की तुलना में बिजली की दरें अधिक है, जिसे कम किया जाए
- काटन वेस्ट कारोबार के लिए अलग से हब बनाया जाए
- कच्चे माल को कर मुक्त किया जाए
- कारोबार के लिए चौबीस घंटे बिजली मुहैया कराई जाए
कालीन कारोबारियों की मांग
- अमरोहा में बड़ी फैक्ट्री लगाई जाए
- कच्चा माल मुहैया कराई जाए
- कारोबार के लिए ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा दी जाए
- अगल से इंडस्ट्रियल एरिया बनाया जाए
- जीएसटी की दरें कम की जाएं
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जैकेट कारोबारियों की मांग
- कपड़े से टैक्स हटाया जाए
- व्यापार के लिए सब्सिडी लोन दिया जाए
- बिजली की दरें कम हो, चौबीस घंटे बिजली मिले
- महिलाओं के लिए ट्रेनिंग सेंटर खोला जाए
- नौगांवा सादात में इंट्रस्ट्रीयल एरिया बनाया जाए
- सरकार ने ये पैकेज बेहद शानदार दिया है। इस पैजेस से बंद पड़ा उद्योग खड़ा हो सकेगा। लकड़ी हस्तकला के कारोबारियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री रोजगार योजना के लोन ले रखे थे। लेकिन तीन महीने से काम बंद होने के कारण किस्त नहीं जमा हो सकी है। गुरुवार को मुख्यमंत्री के साथ वीसी है। इसमें कारोबारियों की बात रखेंगे। जिससे कारोबारियों का ब्याज माफ हो सके।
- शक्ति कुमार अग्रवाल, अध्यक्ष, हस्तकला एसोसिएशन
सरकार के आर्थिक पैकेज से काफी उम्मीद थीं। इसमें मध्यम वर्गीय दुकानदारों के लिए कोई विशेष राहत नहीं है। इस सताल के आयकर रिटर्न को तीस नवंबर तक भर सकते हैं, इसमें व्यापारियों को थोड़ी मदद मिलेगी। सरकार अगले कुछ दिनों में मध्यम वर्गीय दुकानदारों के लिए राहत देगी, ऐसी आशा करते हैं। अन्यथा मर्ध्यम वर्गीय दुकानदार लॉकडाउन से डाउन हुई आर्थिक स्थिति से उभर नहीं पाएगा।
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- खत्री मनोज टंडन, व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान
वैश्विक महामारी में अन्नदाता परिवार सहित देश का पेट भरने के लिए खेतों खलिहानों के जुटा हुआ है। ऊपर से प्रकृृति की मार ओलावृष्टि, आंधी-बारिश ने फसलों को तबाह कर दिया है। एक उम्मीद बची थी कि सरकार किसानों के लिए कुछ सोचेगी। प्रधानमंत्री के बीस लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज से काफी उम्मीदें थी। लेकिन वित्त मंत्री की घोषणा के बाद किसान मायूस हो गया है। अब किसानों का कृषि ऋण किया जाए। इससे किसान बर्बाद होने से बच जाएगा।
- चौधरी दिवाकर सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाकियू भानु
- भारत सरकार की 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणाओं के बावजूद व्यापार की अनिश्चितता समय के साथ ही खत्म होगी। राहत पैकेज से विकास के किन-किन कार्यों की गति रुकेगी इसको निश्चित रूप से अभी कहां नहीं जा सकता। राहत पैकेज केवल पैसे की तरलता, कोविड-19 से बेरोजगार हुए लोगों के लिए राहत एवं आर्थिक मंदी से उभरने में केवल बूस्टर का कार्य करेगी।
- सुबोध कुमार सिंघल, प्रांत संगठन मंत्री, उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल
- बैंक के ब्याज को पूरी तरह खत्म किया जाए। बिजली का बिल यूनिट के अनुसार चार्ज वसूला जाए। न्यूनतम बिल की अनिवार्यता खत्म करें। इनकम टैक्स और जीएसटी में राहत जरूरी है। कारोबारी लाखों रुपये टैक्स देते हैं। ऐसे में लॉक डाउन में हम लोगों को राहत मिलना बेहद जरूरी है। कर्मचारियों को सैलरी दे रहे हैं। इसके अलावा अन्य खर्च बदस्तूर चल रहे हैं।
- अहमद हसन, कॉटन वेस्ट कारोबारी
- लॉकडाउन में सरकार ने कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। इसके लिए प्रधानमंत्री का शुक्रिया करते हैं। तमाम इकाइयां बंद पड़ी है। लेकिन सरकार के इस आर्थिक पैकेज छोटे उद्योग और इकाइयां चल सकेंगी। सरकार ने लॉकडाउन में त्रस्त कारोबारियों को बड़ी राहत दी है।
- महबूब हुसन जैदी, बीड़ी कारोबारी
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- लॉकडाउन में सब चौपट हुआ पड़ा है। तमाम पेमेंट भी फंसी पड़ी हुई हैं। मजदूरों को मजदूरी देनी पड़ रही है। आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। सरकार के इस आर्थिक पैकेज से छोटे उद्योग को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार का कदम सराहनीय है। लेकिन पैसा कारोबारी तक पहुंचे। इसके बाद ही कारोबारियों को फायदा पहुंचेगा।
- हाफिज मोहम्मद फरमान, हैंडलूम कारोबारी
- आर्थिक पैकेज में किसानों व मजदूरों को सशक्त बनाने के लिए घोषण की गई है। इसके लिए इसका बजट पर्याप्त है। कोरोना काल में ऐसे बजट का इंतजार पूरा हुआ। यह सराहनीय है।
देवेंद्र सैनी, तहसील अध्यक्ष भाकियू भानू हसनपुर। फोटो एचएसपी 8
- छोटे व बड़े सभी व्यापारियों को मजबूत करने के लिए आर्थिक पैकेज में बहुत कुछ है। लॉक डाउन में मध्यवर्गीय व्यापारियों की कमर टूट चुकी थी, इस पैकेज से राहत जरूर मिलेगी।
अंकुर अग्रवाल, नगर अध्यक्ष व्यापारी सुरक्ष्ज्ञा फोरम हसनपुर। फोटो एचएसपी 9
- आर्थिक पैकेज में किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों की आर्थिक दशा में सुधार होगा। जिससे किसान स्वावलंबी हो सकेंगे।----कृष्ण कुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष भाकिसं। फोटो एचएसपी 10
- व्यापारियों, किसानों को आर्थिक पैकेज में शामिल किया गया है। मध्यवर्गीय व्यापारी व किसानों को इससे अधिक लाभ होगा। आर्थिक पैकेज का स्वागत किया जाता है।
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सुरेश अग्रवाल, जिलाध्यक्ष उद्योग व्यापार मंडल। फोटो एचएसपी 4
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