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डीएम की गाड़ी देख भागे दलाल, एआरटीओ का जवाब तलब

सार

डीएम ने एआरटीओ कार्यालय पर सुबह साढ़े दस बजे छापा मार दिया।इससे नाराज डीएम ने तत्काल एआरटीओ प्रवर्तन महेश शर्मा के वेतन पर रोक लगाने के निर्देश दिए।जिस पर तत्काल प्रभाव से इनका भी वेतन रोकने के निर्देश दिए।
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विस्तार
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डीएम ने एआरटीओ कार्यालय पर सुबह साढ़े दस बजे छापा मार दिया। जिससे एआरटीओ दफ्तर के आसपास सक्रिय दलालों में भगदड़ मच गई। निर्धारित समय 45 मिनट देर से पहुंचे एआरटीओ प्रशासन को डीएम ने कड़ी फटकार लगाई।
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वह देर से आने का संतोषजनक जवाब भी नहीं दे सके। लिहाजा डीएम ने उनके साथ अन्य कई कर्मचारियों का वेतन रोकने के आदेश दे दिए। वहीं डीएम ने एआरटीओ व अन्य कर्मचारियों से कार्य में सुधार की नसीहत दी और लोगों को कार्य समय से निपटाने के लिए कहा। चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कार्य में सुधार न हुआ तो शासन को पत्र लिखा जाएगा।
मंगलवार को जिलाधिकारी बालकृष्ण त्रिपाठी निरीक्षण के लिए एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। यहां पर उन्हें एआरटीओ प्रवर्तन महेश शर्मा अनुपस्थित मिले तो एआरटीओ प्रशासन नरेश वर्मा 45 मिनट देरी से कार्यालय पहुंचे। इससे नाराज डीएम ने तत्काल एआरटीओ प्रवर्तन महेश शर्मा के वेतन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में साफ सफाई न होने और जगह-जगह पर पसरी गंदगी देख भड़क गए। सड़क सुरक्षा जागरूकता संबंधित 15 एलईडी वर्ष 2018 से कार्यालय में रखी हुई पाई गई, जो कि जगह-जगह चौराहा पर लगनी थी।
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2018 से लगातार कार्यालय में रखे होने के संबंध में स्पष्ट जवाब न देने व कोई जानकारी न देने पर एआरटीओ प्रशासन नरेश वर्मा को जमकर फटकार लगाई। कहा कि अगर सही से अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं तो यहां से चले जाइए, ऐसे काम करने की कोई जरूरत नहीं है।
फाइलों का रख-रखाव सही करने के निर्देश
डीएम ने उन्होंने सभी पटलों का एक-एक करके निरीक्षण किया। एक-एक करके अलमारी खुलवा कर देखा और फाइलों के रख रखाव सही से करने के निर्देश दिए। कहा की कार्यालय में अनावश्यक भीड़ जमा नहीं होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। जो भी व्यक्ति कार्य कराने के लिए आता है तो उसे परेशान न किया जाए। उसका कार्य समय से कर दिया जाए, इसका विशेष ध्यान दिया जाए।
कार्यालय परिसर में पवन कुमार, मोनू, सचिन चौधरी, मनु पटल सहायक अनुपस्थित मिले। जिस पर तत्काल प्रभाव से इनका भी वेतन रोकने के निर्देश दिए। कहा कि अभी जल्द ही पुन: निरीक्षण किया जाएगा। यदि सुधार नहीं हुआ तो शासन को पत्र लिखा जाएगा। उनके निरीक्षण से कार्यालय में हड़कंप मचा रहा। उनके जाने के बाद ही राहत की सास ली।
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