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नगर पालिका सीमा विस्तार के खिलाफ दर्ज की गईं 14 आपत्तियां

सार

न नगर पालिका सीमा विस्तार और वार्डों के गठन के बाद अब आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।सीमा विस्तार के विरोध में चौदह आपत्ति दर्ज की गई है।सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों ने एकजुट होकर न्यायालय की शरण ली है लेकिन हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया है।
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विस्तार
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न नगर पालिका सीमा विस्तार और वार्डों के गठन के बाद अब आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सीमा विस्तार के विरोध में चौदह आपत्ति दर्ज की गई है। जिसमें नगर पालिका में शामिल हुईं 21 ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधानों ने भी आपत्ति भी शामिल है। प्रशासन इसी आपत्ति को लेकर गंभीर है। आपत्तियों के निस्तारण के लिए डीएम ने एसडीएम और ईओ के नेतृत्व में टीम गठित की है। ये टीम तीन दिन के भीतर आपत्तियों का निस्तारण करेगी। जिसके बाद नगर पालिका में शामिल हुए गांवों के विकास को लेकर प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
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अमरोहा नगर पालिका का सीमा विस्तार 21 ग्राम पंचायतों के 45 गांवों को शामिल किया गया है। कैबिनेट की मुहर के बाद 21 जुलाई को शासन ने नगर पालिका की सीमा विस्तार की अधिसूचना भी जारी की थी। इसके बाद 24 अगस्त को नगर पालिक के वार्डों के गठन पर मुहर लगाकर उसकी भी अधिसूचना जारी कर दी थी।
लेकिन ग्राम पंचायतों से जुड़े ग्राम प्रधान और ग्रामीण सीमा विस्तार के खिलाफ है। सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों ने एकजुट होकर न्यायालय की शरण ली है लेकिन हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया है। जबकि ग्रामीणों की तरफ से दायर की गई दूसरी याचिका पर अभी न तो सुनवाई हुई है और न कोई तारीख मिली हैं। इस सप्ताह में सुनवाई हो सकती है। इस बीच शासन ने सीमा विस्तार को लेकर सात दिन के भीतर लोगों की आपत्तियां मांगी थीं। जिसके चलते सीमा विस्तार के विरोध में 14 आपत्तियां कलक्ट्रेट में सौंपी गईं। जहां से सभी आपत्ति पत्रों को नगर पालिका भेजा गया है। वहीं डीएम बीके त्रिपाठी ने एसडीएम और ईओ के नेतृत्व में टीम गठित कर आपत्तियों के निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
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ग्राम प्रधानों का कहना है कि 1992 में नगर पालिका अमरोहा का गजट जारी हुआ था। जिसमें भविष्य में नगर पालिका में शामिल होने के लिए कुछ गांव दर्शाए गए थे। लेकिन जिम्मेदारों ने में खेल करते हुए नगर पालिका से सटे कुछ गांव को छोड़ दिया, जबकि उनसे दूर के गांव को शामिल कर लिया है। उनका कहना है ग्राम प्रधानों का कार्यकाल वर्ष 2026 में खत्म होगा। लेकिन डेढ़ साल में ही प्रधानी छिनना उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है।
नगर पालिका सीमा विस्तार के मामले में कुल 14 आपत्तियां आई हैं। डीएम की ओर से एसडीएम और ईओ के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। तीन दिन के भीतर आपत्तियों का निस्तारण कर दिया जाएगा।-डॉ.बृजेश सिंह, ईओ अमरोहा
दुर्गपुर के ग्रामीणों की आपत्ति है कि नगर पालिका क्षेत्र में लंबे समय से सड़कें टूटी पड़ी हैं। वहां पर लोग मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। गांव के लोग नगरपालिका में शामिल होंगे तो उन पर तमाम तरह के टैक्स लगेंगे, जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
खालकपुर खुर्द, कलाली, दुर्गपुर, मिलक महमदी, मोहनपुर जानिब जनूबी, अमरोहा देहात, गुलड़िया, अल्हेदादपुर खुर्द, मीरा सराय, सलेमपुर हेमनगर, हुसैनपुर निकट मालीखेड़ा, अली मोहम्मदपुर, मोहम्मदपुर नवादा, मसूदपुर, पंडकी, चक पंडकी, रायपुर खुर्द, रामपुर घना, दासीपुर, पचोकरा मेहरबान अली, उमरपुर, केशीपुर, ऐवजाबाद, पिलक सराय, नाजरपुर खुर्द, पट्टी रायपुर कलां, रायपुर कलां, उक्सी, अहोई, मिलक बिकनी, हाशमपुर, माहुबा, सादुल्लापुर, दाउदसराय, पंजू सराय, निमाजपुर गरवी, जलालपुर नारायन, फाजलपुर, रजाकपुर, मोहम्मदपुर भूड़, अकबरपुर पट्टी, मोहम्मदपुर जट्टी, फरीदपुर घोसी, मकनपुर कस्बा ययद, चकगढ़मला शामिल होंगे।
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