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Amroha News: लाइसेंस के इंतजार में ब्लड सेपरेशन यूनिट

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अमरोहा। भीषण गर्मी के चलते लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। प्लेटलेट्स कम हो रही हैं। लेकिन, जिले में करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट चालू नहीं हो सकी। मशीन धूल फांक रही है। ऐसे में मरीजों को मुरादाबाद, मेरठ और दिल्ली की दौड़ लगानी पड़ रही है। हालांकि, करीब एक साल से जिम्मेदार दिल्ली से लाइसेंस मिलने के बाद सेपरेशन यूनिट को चालू करने की बात कह रहे हैं।
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गर्मी के साथ मच्छरों का आतंक बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में डेंगू व मलेरिया बुखार होने की आशंका बढ़ेगी। जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जनपद के 95 गांवों को संवेदनशील श्रेणी में रखा है। इन गांवों में पिछले साल डेंगू के 757 और 52 मलेरिया के केस मिले थे। इन गांवों में इस बार स्वास्थ्य विभाग का फोकस है। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए माइक्रो प्लान तैयार किया गया है। लेकिन, इस साल भी मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। क्योंकि जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की क्षमता 300 यूनिट ब्लड रखने की है। औसतन प्रतिदिन 15-20 यूनिट ब्लड की यहां खपत होती है।
लोगों की सहूलियत को देखते हुए सरकार ने ब्लड बैंक के पीछे ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट स्थापित करने का फैसला लिया था। शासन से मंजूरी मिलने के बाद पहले बिल्डिंग का निर्माण कार्य भी पूरा हो गया। सभी मशीनें लग चुकी हैं। उम्मीद थी कि इस साल से खून की एक यूनिट से प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी (पैक्ड रेड ब्लड सेल) और क्रॉयोप्रेसीपिटेट तैयार किए जा सकेंगे। लेकिन करोड़ों की लागत यूनिट में लगी मशीनें धूल फांक रही हैं। लाइसेंस प्रक्रिया के चलते यूनिट चालू नहीं हो सकी है।
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ये स्थिति थी पिछले साल की
पिछले साल जहां डेंगू के केस मिले थे, स्वास्थ्य विभाग ने उन गांवों को चिह्नित कर संवेदनशील श्रेणी में शामिल किया है। इनमें सबसे ज्यादा 17 गांव धनौरा ब्लाॅक के हैं। जबकि हसनपुर ब्लाॅक क्षेत्र के 16, जोया ब्लॉक क्षेत्र के 15, गजरौला क्षेत्र के 14, गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र के 11 और अमरोहा ब्लॉक क्षेत्र के 10 गांव शामिल हैं। इन 95 गांवों में पिछले साल 2023 में डेंगू के 757 केस सामने आए थे। इनमें 267 मरीजों की एलाइजा टेस्ट में डेंगू की पुष्टि हुई थी। मलेरिया के 52 केस भी मिले थे।

ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट पूरी तरह तैयार है। लाइसेंस प्रक्रिया के चल रही है। दिल्ली से लाइसेंस मिलना बाकी है। लाइसेंस मिलते ही यूनिट चालू कर दी जाएगी। यूनिट पर तैनात कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
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-डॉ. प्रमोद कुमार, प्रभारी ब्लड बैंक, जिला अस्पताल अमरोहा
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