अमरोहा। लंबे इंतजार के बाद जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट मंगलवार को चालू हो गई है। केंद्र से लाइसेंस मिलने के बाद प्रभारी मंत्री केपी मलिक ने फीता काटकर इसकी शुरुआत की। अब मरीजों को मुरादाबाद, दिल्ली और मेरठ की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। उन्हें सेपरेशन यूनिट पर ही प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी और क्रायोप्रेसीपिटेट मिल सकेंगे। नई सुविधा से अब एक यूनिट ब्लड से चार लोगों की जान बचाई जा सकेगी। पहले यहां केवल हर ग्रुप का ब्लड मिलता था।
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की क्षमता 300 यूनिट ब्लड रखने की है। औसतन प्रतिदिन 15-20 यूनिट ब्लड की यहां खपत होती है। लोगों की सहूलियत को देखते हुए सरकार ने ब्लड बैंक के पीछे ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट स्थापित करने का फैसला लिया था। शासन से मंजूरी मिलने के बाद वर्ष 2021 में इस पर कार्य शुरू हुआ। दो साल में पहले बिल्डिंग का निर्माण हुआ और फिर सभी मशीनें लगाई गईं। सालभर से यूनिट में लगी मशीनें धूल फांक रही थी। यूनिट की लाइसेंस प्रक्रिया चल रही थी। प्रदेश सरकार से लाइसेंस मिलने के बाद केंद्र से लाइसेंस की प्रक्रिया कई महीने तक लटकी रही, तभी से लाइसेंस मिलते ही यूनिट को चालू करने का दावा किया जा रहा था। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि केंद्र से लाइसेंस मिलते ही ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की मंगलवार को शुरुआत कर दी गई है। अब मरीजों को भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यहीं पर मरीजों को प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी और क्रॉयोप्रेसीपिटेट मिल सकेंगे। खून की एक यूनिट से प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, पीआरबीसी (पैक्ड रेड ब्लड सेल) और क्रॉयोप्रेसीपिटेट तैयार किए जा सकेंगे। जिस समय प्रभारी मंत्री केपी मलिक ने यूनिट की फीता काटकर शुरुआत की, उस समय डीएम निधि गुप्ता, एसपी कुंवर अनुपम सिंह, सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्र, सीएमएस प्रेमा पंत त्रिपाठी, डॉ. प्रमोद कुमार आदि मौजूद रहे।
इतने रुपये देने होंगे
पीआरबीसी1100 रुपये
प्लाज्मा-300 रुपये
प्लेटलेट्स300 रुपये
क्रॉयोप्रेसीपिटेट350 रुपये
होल ब्लड-1100 रुपये
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