रहरा चौकी क्षेत्र के गांव बुरावली की बिजली आपूर्ति तीन दिन से ठप है। इससे नाराज ग्रामीण रविवार की सुबह ट्रैक्टर-ट्राली से बिजलीघर पहुंचे। ग्रामीणों से आपूर्ति सुचारु करने की मांग करते हुए बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा किया।
इस दौरान बिजलीघर में तैनात कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। हंगामे की सूचना पर पहुंची रहरा चौकी पुलिस ने ग्रामीणों को बिजली दिलाने का आश्वासन देकर मामला शांत किया।
ग्रामीणों ने गांव की बिजली आपूर्ति बहाल किए जाने तक बिजलीघर पर धरना जारी रखने की बात कही। ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए अधिकारियों ने गांव की आपूर्ति सुचारु करा दी। इसके बाद ग्रामीण वापस लौट गए। इस मौके पर श्यामलाल, रामौतार, देवराज, लाखन सिंह, राजेंद्र सिंह, बुद्घा सिंह आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
अघोषित कटौती ने छीना चैन
अमरोहा(ब्यूरो)। बिजली की अघोषित कटौती ने शहरियों व ग्रामीणों का जीना दुश्वार कर दिया है। रात की नींद और दिन का चैन छीन लिया है। ज्यों ज्यों पारा बढ़ रहा है त्यों त्यों आपूर्ति का शेड्यूल बिगड़ता जा रहा है। हाल यह है कि, शहरियों को सिर्फ 13 घंटे तो ग्रामीणों को बमुश्किल छह-सात घंटे बिजली मिल पा रही है।
शासन ने शहरी क्षेत्र में 20 घंटे बिजली सप्लाई का शेड्यूल बनाया है।
वहीं ग्रामीण अंचलों में 14 घंटे आपूर्ति का रोस्टर है, लेकिन ज्यों-ज्याें गर्मी बढ़ रही है, शेड्यूल बिगड़ता जा रहा है। शनिवार रात 12 बजे इमरजेंसी बताकर कंट्रोल ने शहरियों के हक पर डाका डाल दिया। इसके बाद तड़के तीन बजे सप्लाई शुरू हुई। वहीं दिन में एक बजे से शाम तीन बजे तक कटौती रही। इससे नागरिक बेहद परेशान नजर आए। कुल मिलाकर 24 घंटे में से 13 घंटे ही सप्लाई नागरिकों को मिली। 14 घंटे के रोस्टर में से छह घंटे ही आपूर्ति हो रही है। 18 घंटे कटौती के चलते से किसान फसलों की सिंचाई तक नहीं कर पा रहे हैं।
बिजलीघरों की सप्लाई का रखा जाएगा हिसाब
अमरोहा(ब्यूरो)। बिजलीघरों को मिलने वाली प्रत्येक यूनिट का हिसाब रखा जाएगा। इसके लिए बिजली विभाग ने मीटरिंग व्यवस्था को दुरुस्त करने की प्रक्रिया छेड़ दी है। अधीक्षण अभियंता ने प्रत्येक जेई को खराब मीटरों को सही कराने के आदेश दिए हैं। बिजली विभाग की अमरोहा डिवीजन क्षेत्र में 22 बिजलीघर हैं। इन पर विभाग ने डबल मीटरिंग की व्यवस्था की है। पैनल में मीटर लगाया है।
अधिकांश पैनल मीटर खराब हो जाने के कारण बिजलीघर को मिलने वाली सप्लाई और खर्च का विवरण विभाग के पास नहीं है। इस संबंध में अफसरों से शिकायतें भी की जाती रही हैं। अधीक्षण अभियंता ब्रजमोहन शर्मा ने बताया कि अवर अभियंता से कहा गया है कि वे अपने बिजलीघर के मीटरों को ठीक कराए। अगर कोई मीटर सही नहीं होता तो उसको बदलवाने की कार्रवाई करेंे।