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सड़क पर उतरें किसान, गन्ने की होली जलाए, आवागमन प्रभावित

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अमरोहा। गन्ना के मूल्य में बढ़ोतरी नहीं होने पर बुधवार को जिले के किसानों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने जिले में कई जगहों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि सरकार किसानों के खिलाफ है। गन्ने की कीमत नहीं बढ़ाना सबूत है। हर चीज की कीमत बढ़ रही है, लेकिन गन्ने की कीमत नहीं बढ़ाना नीयत पर सवाल उठ रहा है। इसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर दस मिनट और राज्य मार्गों पर घंटों वाहनों के पहिये थम गए। इससे आवागमन प्रभावित रहा। लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। वहीं बच्चों और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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गन्ने का मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल करें
रजबपुर। भाकियू अराजनैतिक से जुड़े किसान दोपहर लगभग एक बजे नेशनल हाईवे पर पहुंचें। गन्ने की होली जलानी शुरू कर दी। लगभग पांच मिनट तक हाईवे को जाम कर दिया। उन्होंने एसडीएम सदर सुखवीर सिंह को तीन सूत्रीय पत्रक सौंपा। गन्ने का मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल, बिजली की कीमत कम कराने, पराली जलाने के मामले में दर्ज केस को वापस लेने की मांग शामिल है। इस दौरान वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष उमेद सिंह, भगवान सिंह, भगवंत सिंह, योगेंद्र सिंह,राजेंद्र सिंह, सतपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, ब्रजपाल सिंह, चरन सिंह, सोमपाल सिंह, समरपाल सिंह आदि रहे।
हाईवे पर गन्ने की होली, 10 मिनट तक डटे रहे किसान
रजबपुर। भाकियू असली के जिलाध्यक्ष महावीर सिंह की अगुवाई में किसानों ने नेशनल हाईवे पर गन्ने की होली जलाई। इसके चलते हाईवे पर वाहनों के पहिये थम गए। गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी नहीं होने पर नाराजगी जताई। इसके अलावा अंडरपास की मांग को लेकर धरना जारी रहा। हाईवे पर दोपहर 1.40 बजे सये 1.50 बजे तक कब्जा रहा। इस दौरान महावीर सिंह, जयपाल सिंह, राजवीर सिंह, सोमपाल सिंह, गिरिराज सिंह, योगेंद्र सिंह, राविंद्र सिंह, जसवंत, विवेक कुमार, सुनील, प्रदीप कुमार आदि रहे।
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किसान हितैषी का दावा खोखला, 14 दिन में करें भुगतान
नौगांवा सादात। भाकियू अराजनैतिक की अगुवाई में रज्जाकपुर में किसान सड़क पर उतर आएं। दोपहर 12 बजे से सड़क पर धरना शुरू कर दिए। इसके बाद किसानों ने सड़क पर गन्ने की होली जलाई। एसडीएम इंद्रनंदन सिंह को पत्रक सौंपा। कहा कि सरकार किसानों की हितैषी का दावा कर रही है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। गन्ने का भुगतान 14 दिन में करें। पराली के निस्तारण के लिए किसानों को सहायता दी जाए। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करें। इस दौरान डॉ. चंद्रपाल सिंह, सुधाकर सिंह, नरेंद्र सिंह, सतीश त्यागी, अमरजीत सिंह, जयवीर सिंह, नरेंद्र सिंह, रामस्वरूप सिंह, जसवंत सिंह आदि रहे।
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