तहसील क्षेत्र में वन विभाग की हजारों बीघा भूमि पर अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर गर्माया है। भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को एसडीएम पुष्करनाथ चौधरी को ज्ञापन सौंपा। इसमें अवैध कब्जों को हटाने के लिए अभियान चलाने की मांग की है।
बुधवार को भाकियू अंबावता के युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष लोकेश विधुड़ी ने बताया कि तहसील क्षेत्र के कई गांवों में वन विभाग की जमीन पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया गया है। उन्होंने विशेष रूप से गांव सिमथला का जिक्र किया, जहां लगभग 100 बीघा वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा है। इसके अतिरिक्त, रहरा-हसनपुर मार्ग पर स्थित गांव दौरारा में भी गंभीर स्थिति है, जहां वन विभाग की 200 बीघा जमीन पर लोगों ने आवास और दुकानें तक बना ली हैं।
उन्होंने कहा कि भीमाठीकरी, लुहारी खादर, ख्यालीपुर, वाटूपुरा, देहरी गुर्जर वन ब्लॉक, शहवाजपुर गुर्जर, वंशीवाली मैएया, रहरई, ढेंकला, दढि़याल, पथरा, चीला, बिहारीपुर, ढकिया खादर, लालापुर, दौलतपुर कला, और जयतौली गांव में भी वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि इन सभी क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाकर वन विभाग की भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाए। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन अवैध कब्जों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वह आगे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में सत्यपाल सिंह युवा मंडल अध्यक्ष, जयवीर सिंह, हिरदेश कुमार, अमित कुमार, जितेंद्र सिंह, शकील आदि मौजूद रहे।