फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अफसर नहीं चेते तो  डूब सकते हैं श्रद्धालु 

Sun, 26 Jun 2016 01:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
विज्ञापन
4गजरौला के ब्रजघाट में आरती स्थल पर गंगा जल से डूबी पैड़ियां।
विज्ञापन

विज्ञापन
पहाड़ों पर लगातार हो रही भारी बारिश से गंगा का जलस्तर भी दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। ब्रजघाट गंगा का जल स्तर खतरे के निशान से मात्र एक मीटर दूर है। यही हाल रहा तो आने वाली सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं के लिए खतरा बढ़ जाएगा। यदि प्रशासन नहीं चेता तो श्रद्धालु खतरे की जद में आ सकते हैं और डूबने की घटनाएं में इजाफा हो सकता है। 

बता दें कि ब्रजघाट गंगापीठ को हरिद्वार की हरपौढ़ी की तर्ज पर जीर्णोद्धार किया जा रहा है। आरती स्थल के मुख्य गंगा प्लेटफार्म के अलावा चार अन्य नये  प्लेटफार्म बनाए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए और अन्य सुविधाएं उपलब्ध  कराई जा रही हैं। जिससे श्रद्धालुओं को स्नान करने में दिक्कत न आ सके। जीर्णोद्धार का कार्य वर्ष 2017 में अगस्त माह तक पूरा होना है लेकिन गंगा  अपने उफान पर है। जिसके चलते इन दिनों जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण रूप से रुक गया है। आरसीसी की दीवार के लिए जो खुदाई की गई थी उसमें भी जल भर गया है।  यहां गंगा किनारे पर 20-25 फिट गहरा जल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गंगा के बढ़ते जल स्तर के कारण सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे जीर्णोद्धार के कार्य पर भी विराम लग गया है। श्रद्धालुओं के लिए स्नान को सिर्फ मुख्य आरती स्थल ही शेष रह गया है जबकि अमावस्या और पूर्णिमा पर ब्रजघाट पर दूर-दराज से लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए आते हैं। आने वाली चार जुलाई को सोमवती अमावस्या है। सोमवती अमावस्या पर गंगा में स्नान करने का अपना एक विशेष महत्व होता है। इसलिए सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं की संख्या आमतौर पर अधिक होने की संभावना है क्योंकि एक मात्र आरती स्थल स्नानार्थियों के लिए कम पड़ जाएगा। 
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें