यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले तमाम बैंक कर्मचारी वेतन में दो फीसदी की बढ़ोत्तरी के विरोध में हड़ताल पर रहे। बैंक कर्मियों ने मांग पूरी कराने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। वहीं हड़ताल के कारण ग्राहकों को परेशान का सामना करना पड़ा। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के चलते गुरूवार (आज) भी बंद रहेंगे। पहले दिन बैंक की हड़ताल के चलते करीब सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
संगठन के नेतृत्व में बैंकों कर्मचारियों और अधिकारियों ने पहले ही 30 और 31 मई को हड़ताल करने का ऐलान किया था। इसमें इलाहाबाद बैंक, सेंट्रल बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन व सिंडिकेट बैंक समेत अन्य बैकों की शाखाओं में ताले लटके रहे। बैंक कर्मियों ने जर्बदस्त नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने हितों से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। कहा कि बैंक अधिकारियों व कर्मियों के वेतन में समझौते के अनुरुप वृद्धि नहीं की। कर्मियों व अधिकारियों के वेतन में महज दो फीसदी की बढ़ोत्तरी कीई है जबकि सहमति पंद्रह फीसदी पर हुई थी। कहा कि अगर इंडियन बैंक एसोसिएशन ने सम्मान जनक वेतन वृद्धि नहीं की तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। बैंक कर्मियों की हड़ताल की वजह से जिले में मौजूद राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाओं में कोई लेनदेन नहीं हो सका। जिससे ग्राहकों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। उम्मीदों के साथ बैंक पहुंचे ग्राहक मायूस होकर लौटना पड़ा। बैंक हड़ताल के चलते जनपद भर में करीब 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का लेनदेन प्रभावित हुआ है। इस दौरान नरेंद्र सिंह, गुलशन, कपिल कुमार, संजीत टंडन, सुदेश, कावेंद्र सिंह, निशांत, राम कुंवर सिंह और वीर सिंह आदि बैंक अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारी और कर्मचारियों की मांगों के चलते जनपद लगभग की बैंक बंद रही हैं। बैंक बंद रहने से जनपद भर की सभी शाखाओं में करीब सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा है। - प्रशांत कुमार, लीड बैंक प्रबंधक, अमरोहा।