अमरोहा। दो हजार रुपये के नोट को लेकर आमजन के सामने परेशानी आने लगी हैं। आरोप है कि बैंक स्टाफ नोट बदल नहीं रहा है बल्कि खाते में जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं शुक्रवार को लोग बड़ी संख्या में बैंकों में नोट बदलवाने और जमा करवाने पहुंचे। सूत्रों की माने तो तीन दिन में ढाई करोड़ रुपये के दो हजार के नोट जमा किए जा चुके हैं।
रिजर्व बैंक की ओर से कई दिन पहले दो हजार का नोट बंद करने की घोषणा हो चुकी है। 19 मई से दो हजार के नोट जमा करने व बदलवाने के लिए लोग बैंकों में लाइन में लग रहे हैं। जनपद की 209 शाखाओं में कांउटर खोलकर दो हजार के नोट जमा किए जा रहे हैं। आरोप है कि कुछ बैंक स्टाफ के लोग दो हजार का नोट बदलवाने के स्थान पर जमा करने का दवाब बना रहे हैं। कपड़ा व्यापारी मनोज कुमार टंडन का कहना है कि बाजार में तेेजी से दो हजार का नोट आ रहा है। आभूषण खरीदने से लेकर कपड़े व अन्य जरूरी समान की खरीदारी के लिए ग्राहक दो हजार का नोट लेकर पहुुंच रहे हैं। मना करने पर ग्राहक समान छोड़कर जा रहे हैं। ऐसे में उनके सामने दो हजार नोट लेने के अलावा कोई चारा नही है। बैंकों द्वारा दो हजार का नोट बदलने के लिए अलग से काउंटर बनाए गए हैं जिससे ग्राहकों को परेशानी न हो। अभी काफी समय है इसलिए किसी भी तरह से हताश व परेशान होने की जरूरत नही है और न ही नोट बदलने की जल्दी होनी चाहिए। दो हजार के नोट को अपने खाते में जमा कर सकते हैं जबकि रिजर्व की गाइड लाइन के अनुसार फार्म भरकर एक बार में दो हजार के पांच नोट बदले जा सकते हैं। मगर इसके बावजूद भी बैंकों के बार भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। जिससे रोजमर्रा बैंक आने वाले ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हे अपने पैसे जमा करने व निकालने में दिक्कत हो रही है। सूत्रों की माने तो जनपद की बैंकों में तीन दिन में ढाई करोड़ रुपये के दो हजार के नोट जमा हो चुके हैं। आमजन का आरोप है कि उनके तो दो हजार के नोट बदले नहीं जा रहे हैं जबकि बड़े कारोबारियों के मुंशी आकर थैले भरकर नोट बदलवाकर ले जा रहे हैं। बैंकों में दो हजार के नोट जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित है।