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ईद पर गले और हाथ मिलाने से बचें, दूर से दें मुबारकबाद

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अमरोहा। मेहमान का घर में आना बहुत अच्छा माना जाता है। इससे बरकत होती है, लेकिन कोरोना संक्रमण से रिश्ते प्रभावित होने लगे हैं। उलमा ने लोगों से ईद पर मेहमानों से मिलने से दूरी बनाने की अपील की है। दोस्तों और करीबियों के घर नहीं जाने को कहा है। उन्होंने बताया खुद और अपनों की जिंदगी को बचाने के लिए ऐसा करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा है कि मोबाइल के जरिए खुशियों को साझा कर सकते हैं।
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ईद का त्योहार 13 या 14 मई को मनाया जाएगा। इसके लिए मंगलवार को मुस्लिम घरों में तैयारी की गई। लॉकडाउन के चलते बाजार बंद है इसके चलते जुगाड़ के सहारे सामानों की खरीदारी की। कोरोना संक्रमण रोजाना लोगों को शिकार बना रहा है। इसके चलते हर तरफ लोग हैरान परेशान हैं। शहर इमाम डॉ. तारिक हसन ने बताया कि ईदगाह में ईद की नमाज नहीं होगी। ऐसे में लोग घरों में रहें। लगातार दूसरे साल ऐसा होगा जब ईद की नमाज ईदगाह में नहीं होगी। शहर और देहात के मस्जिदों में ईद की नमाज होगी। हालांकि यहां भी चुनिंदा लोग रहेंगे।
उलमा बोले, ईद की खुशियों में दूसरों का ख्याल रखें
मुफ्ती तौहीद रजा ने कहा कि ईद की खरीदारी के बजाए गरीबों का ख्याल रखना जरूरी है, जिसके घर राशन नहीं हो। ऐसे में अपने परिवार के नए कपड़े के बजाए दूसरों के घर राशन पहुंचा दें। सबसे बड़ी ईद वहीं है ताकि पड़ोस और जानने वाले महरूम न रह जाए। दूसरों की मदद करने वाले अल्लाह को बेहद पसंद हैं।
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रोजेदारों के लिए इनाम की है चांद रात
अमरोहा। मौलाना अकरम कासमी ने बताया कि चांद रात इनाम की रात है। अल्लाह रोजेदार बंदों को इनाम बांटता है। चांद की दीदार या तस्दीक के बाद चांद रात शुरू हो जाती है। इस रात को अल्लाह से इबादत करें। ताकि अच्छे काम और रोजे को कुबूल कर लें।
चांद के साथ ऐतकाफ होगा मुकम्मल
अमरोहा। चांद के दीदार या तस्दीक के बाद ऐतकाफ मुकम्मल हो जाएगा। अल्लाह के मेहमान घर को लौट जाएंगे। वहीं घरों में महिलाओं का ऐतकाफ भी पूरा हो जाएगा। शबे कद्र की आखिरी रात मंगलवार को रही। बच्चे, युवा और बुजुर्गों ने घरों में इबादत की। अल्लाह से गुनाहो की माफी मांगी। वहीं अब मुकद्दस रमजान के चंद लम्हे बचे हैं।
मगरिब की अजान के साथ शाम सात बजे तक देखेंगे चांद
अमरोहा। रमजान का 29 वां रोजा बुधवार को है। इफ्तार के साथ चांद को रोजेदार ढूढेंगे। आसमान में बच्चों और युवाओं की निगाहें जमी रहेंगी। चांद के दीदार के साथ ईद के इस्तकबाल में लोग जुट जाएंगे। चांद के दीदार या तस्दीक नहीं होने पर 14 मई शुक्रवार को ईद मनेगी।
दूसरे साल चांद रात पर बाजार नहीं होगा गुलजार
अमरोहा। कोरोना संक्रमण के चलते ईद की खुशियों पर संकट छा गए हैं। चांद रात को बाजार गुलजार नहीं होंगे। शहर के बसावनगंज, नौबतखाना आदि मोहल्लों की दुकानें बंद रहेंगी। इसके चलते युवती और महिलाएं पसंदीदा सामानों की खरीदारी नहीं कर सकेंगी।
ईद के लिए घरों में नमाज अदा करें। एक दूसरे से हाथ मिलाए और न गले मिलें। परिवार के लोगों के साथ ईद मनाए। करीबियों और दोस्तों से मोबाइल से बातचीत करें। उन्हें मुबारकबाद दें। मेहमान को घर नहीं बुलाएं। शहर इमाम, डॉ. शिया इमाम.
घरों में चाश्त की नमाज अदा करें। ईद की खुशियों को मनाने के लिए बाहर नहीं निकलें। दोस्तों और रिश्तदारों से नहीं मिलें। किसी के भी पास नहीं जाए। इससे भीड़ से बचे रहेंगे। ऐसा करना बेहद जरूरी है। मोबाइल के जरिए खुशियों को साझा करें। क्योंकि कोरोना संक्रमण बेहद खतरनाक है। मुफ्ती तौहीद रजा, आलिम ए दीन
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