अमरोहा। पिछले आठ वर्षों में छहवीं बार यूपी एटीएस की कार्रवाई से अमरोहा चर्चा में आया है। वर्ष 2018 में हरकत-उल-हरब-ए-इस्लाम मॉड्यूल के पर्दाफाश के बाद जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी। अब पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े बाराबंकी के दनियाल अशरफ के संपर्क में होने के आरोप में गजरौला निवासी रवि और शोएब की गिरफ्तारी के बाद लखनऊ एटीएस ने गजरौला में छानबीन की है।
26 दिसंबर 2018 को एनआईए और एटीएस की संयुक्त टीम ने मोहल्ला मुल्लाना, पचदरा, इस्लामनगर और नौगांवा सादात के सैदपुर इम्मा में छापा मारा था। करीब दस घंटे की कार्रवाई में मुफ्ती सुहैल, इरशाद, सईद और रईस को हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार इनके पास से पिस्टल, तमंचे, कारतूस, करीब 12 किलो संदिग्ध आरडीएक्स और संदिग्ध रॉकेट लॉन्चर बरामद हुआ था।
जांच में नौगांवा सादात के बांसखेड़ी निवासी मौलाना गुफरान का नाम सामने आया, जिसे एनआईए ने 20 अप्रैल 2019 को गिरफ्तार किया। करीब छह महीने बाद चार्जशीट दाखिल हुई, जिसमें मुफ्ती सुहैल, सईद और मौलाना गुफरान समेत अन्य आरोपी शामिल थे। जांच के दौरान एनआईए ने जिले में तीन बार कार्रवाई की।
इसके बाद कटरा बख्तावर निवासी सैदुल अमीन का नाम जालंधर में भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर ग्रेनेड हमले में सामने आने पर भी अमरोहा जांच एजेंसियों की नजर में आया। अब रवि और शोएब की गिरफ्तारी तथा उनकी निशानदेही पर एटीएस की छानबीन से जिला फिर सुर्खियों में है।