अमरोहा। बरसात के मौसम में जिले में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। मंगलवार को कोबरा के काटने से गंभीर रूप से बीमार हुई एक आशा कार्यकर्ता की जिला अस्पताल में समय पर उपचार मिलने से जान बच गई। चिकित्सकों ने महिला को करीब 40 डोज एंटीवेनम देकर उसकी हालत में सुधार किया। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि सांप काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय न गंवाएं और तुरंत अस्पताल पहुंचें।
जानकारी के अनुसार रज्जाकपुर गांव निवासी रीता स्वास्थ्य विभाग में आशा कार्यकर्ता हैं। मंगलवार सुबह वह घर में काम कर रही थीं। इसी दौरान उन्हें कोबरा प्रजाति के जहरीले सांप ने काट लिया। कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन तत्काल उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने तुरंत उपचार शुरू किया। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. इकबाल हुसैन ने बताया कि शुरुआत में एंटीवेनम देने के बावजूद महिला की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद लगातार निगरानी में एक-एक कर करीब 40 डोज एंटीवेनम दिए गए। गहन उपचार के बाद महिला की हालत में सुधार हुआ और उसकी जान बचाई जा सकी। फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती है और चिकित्सकीय निगरानी में है। डॉ. इकबाल हुसैन ने बताया कि मंगलवार को सर्पदंश के दो अन्य मरीज भी अस्पताल पहुंचे थे। उन्हें समय पर एंटीवेनम देने के बाद प्राथमिक उपचार कर घर भेज दिया गया। सीएमएस डॉ. एके भंडारी ने कहा कि बरसात के मौसम में खेतों, घरों और जलभराव वाले स्थानों पर काम करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो झाड़फूंक, तंत्र-मंत्र या देसी जड़ी-बूटियों के भरोसे समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। मरीज को जितनी जल्दी अस्पताल पहुंचाया जाएगा, उसके बचने की संभावना उतनी ही अधिक रहेगी।