गजरौला (अमरोहा)। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए आयोजित टीकाकरण शिविर में पहले दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कोरोना का टीका लगवाने के कुछ देर बाद ही आशा कार्यकर्ता बेहोश हो गई। जानकारी होने पर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। हालांकि कुछ देर बाद उसके होश में आने पर सभी ने राहत की सांस ली।
गुरुवार को कोरोना संक्रमण की रोकथाम को सामुदायिक स्वास्थ्य में सुबह नौ बजकर 50 मिनट पर टीकाकरण आरंभ हुआ। पहला टीका गांव याकूबपुर में आंगनबाड़ी सहायिका वंदना रानी ने लगवाया। सीएचसी अधीक्षक डा. योगेंद्र सिंह, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के नवनीत सिंह, चीफ फार्मासिस्ट वीके शर्मा की मौजूदगी में एएनएम सरिता सागर ने उन्हें टीका लगाया। इससे पूर्व उनके आधार कार्ड, पंजीकरण स्लिप आदि की जांच की गई। टीका लगवाने के बाद यहां आईं महिलाओं को वहीं एक कक्ष में बैठा दिया गया। टीकाकरण को देखते हुए सीएचसी में पुलिस भी तैनात की गई थी। वहीं दोपहर के समय टीका लगवाने आई आशा कार्यकर्ता फरमीना टीका लगने के कुछ देर बाद ही बेहोश हो गई। आशा कार्यकर्ता के बेहोश होने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्यकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। केंद्र अधीक्षक डा. योगेंद्र सिंह आनन-फानन में वहां आ पहुंचे। पता चला कि ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण ही आशा कार्यकर्ता बेहोश हो गई थी। हालांकि कुछ देर बाद उसे होश आ गया। डा. योगेंद्र सिंह ने बताया कि पहले दिन कुल 544 में से 396 ने टीके लगवाए हैं। इनमें सीएचसी में 180, संजीवनी मेडिकल कालेज में 111 और श्री वेंक्टेश्वर यूनिवर्सिटी में 105 ने टीकाकरण कराया है। शुक्रवार को भी टीकाकरण होगा।