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मां की पिटाई का बदला लेने के लिए बहन के जेठ के बेटों ने की थी अबरार की हत्या

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हसनपुर हत्यारोपियों को गिरफ्त में लेकर अबरार हत्याकांड का खुलासा करते प्रभारी निरीक्षक नीरज कु? - फोटो : HASANPUR
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संवाद न्यूज एजेंसी
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हसनपुर(अमरोहा)। कोतवाली क्षेत्र के गांव बावनखेड़ी में हुए अबरार हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अपनी मां की पिटाई का बदला लेने के लिए बहन के जेठ के बेटों ने अबरार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्याकांड में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर तमंचा बरामद किया है। एक आरोपी अभी फरार है।
गांव बावनखेड़ी निवासी अबरार उर्फ गुड्डन (38) पुत्र हबीबुल्ला की 21 अगस्त की रात को घर में सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई ने रंजिश के चलते गांव के ही बहन के जेठ के बेटों सलीम, तसलीम उर्फ भोला, कलीम व एक अज्ञात के खिलाफ हत्या का रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रविवार को कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार ने घटना में नामजद तस्लीम और कलीम को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अबरार की बहन अफसाना गांव बावन खेड़ी में ही रहती है। पारिवारिक कलह के चलते वर्ष 2018 में जेठ के बेटों से विवाद हो गया था। विवाद में अबरार ने अपनी बहन का पक्ष लिया था। गिरफ्तार अभियुक्त तस्लीम उर्फ भोला ने बताया कि अबरार ने रमजान के माह में उसकी मां का हाथ तोड़ दिया था। जिसको लेकर वह रंजिश मानने लगा। मां की पिटाई का बदला लेने के लिए अबरार हत्याकांड की साजिश रची गई। प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार ने बताया कि 21 अगस्त की रात को सलीम घर के बाहर खड़ा हो गया था जबकि कलीम ने घर में घुसकर अबरार को गोली मार दी थी। हत्याकांड की पूरी स्क्रिप्ट तस्लीम ने तैयार की थी। उन्होंने बताया कि तस्लीम और कलीम को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है। आरोपी सलीम अभी फरार है। जिसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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फिल्म दृश्यम की तर्ज पर तस्लीम ने पुलिस को किया गुमराह
हसनपुर। अजय देवगन अभिनीत बॉलीवुड की फिल्म दृश्यम की तर्ज पर तस्लीम ने पुलिस को गुमराह किया। पुलिस के मुताबिक तस्लीम जानता था कि अबरार की हत्या के बाद उसका नाम हत्याकांड में जरूर आएगा। इसलिए हत्याकांड की रात वह गांव के ही दो लोगों को कार में बैठाकर दिल्ली के लिए रवाना हो गया था। गढ़मुक्तेश्वर टोल टैक्स पर कटवाई टोल की पर्चियां भी सुरक्षित रख ली थी और वहीं पर सीसीटीवी कैमरे की जद में अपनी गाड़ी को करीब दो घंटे तक खड़ा करके अपनी मौजूदगी घटनास्थल से दूर दिखाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की छानबीन में घटना का राजफाश हो गया। पुलिस के मुताबिक शुरू में पूछताछ के दौरान तस्लीम ने खुद को हत्याकांड से अलग होने के कई साक्ष्य पुलिस के सामने पेश किए। लेकिन पुलिस को उसके द्वारा बताई गई थ्योरी पर शुरू से ही शक था। वह गांव के जिन दो लोगों को अपने साथ दिल्ली ले जाने के बहाने घर से बुलाकर लाया था। उनके दिल्ली में किसी ठेकेदार पर काफी दिनों से पैसे रुके हुए थे। उससे बात किए बिना ही वह दिल्ली के लिए रवाना हो गया और फिर दिल्ली जाए बिना ही गढ़मुक्तेश्वर से वापस अपने गांव आ गया। इसी बात को लेकर पुलिस का शक तस्लीम पर और गहरा हो गया और गहनता से पूछताछ के बाद घटना का खुलासा हुआ।
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