गजरौला थाने में तमंचा फैक्टरी चलाने वाले हिस्ट्रीशीटर इंद्रपाल के आपराधिक इतिहास की जानकारी दे?
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गजरौला। थाने के हिस्ट्रीशीटर और डासना जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बदमाश कंचन के चाचा इंद्रपाल को पुलिस ने बंद पड़े मकान में शस्त्र फैक्टरी चलाते हुए पकड़ा है। एएसपी अजय प्रताप सिंह के मुताबिक मौके से नौ बने और सात अधबने तमंचे और शस्त्र बनाने का सामान भी बरामद हुआ है। आरोपी के खिलाफ गजरौला और हसनपुर में चोरी, हत्या, दुष्कर्म आदि के 15 मुकदमे दर्ज हैं और फिलहाल वह जेल से अपील पर आया हुआ था।
मंगलवार को थाने में आयोजित प्रेसवार्ता में एएसपी अजय प्रताप सिंह और सीओ सत्येंद्र सिंह ने गजरौला पुलिस द्वारा अवैध शस्त्र फैक्टरी पकड़े जाने का खुलासा किया। एएसपी ने बताया कि सोमवार की रात इंस्पेक्टर आरपी शर्मा ने सूचना के आधार पर अपनी टीम को लेकर कांकाठेर को जाने वाले मार्ग पर बंद पड़े मकान में दबिश दी। मौके से तमंचे बना रहे इंद्रपाल निवासी गांव सादुल्लापुर को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक 16 बने-अधबने तमंचे, नाल, पाइप, कारतूस, लोहे की शीट आदि भी मिले। इंस्पेक्टर ने बताया कि इंद्रपाल और उसके दो सगे भाई तथा भतीजा कंचन हिस्ट्रीशीटर हैं। इंद्रपाल पूर्व में भी शस्त्र फैक्टरी चलाने में जेल जा चुका है। उसका भतीजा कंचन डासना जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। इंद्रपाल भी जेल से अपील पर बाहर आया हुआ है।