अमरोहा। जिले में करीब साढ़े छह साल एक्सरे टेक्नीशियन के पद पर तैनात रहे फर्जी अर्पित ने 47 लाख रुपये से ज्यादा कमाए है। विभागीय कार्रवाई पूरी होने के बाद उक्त रकम वसूल की जा सकती है। हसनपुर सीएचसी में तैनात अर्पित ने प्रत्येक माह 61536 रुपये की तनख्वाह ली थी। स्वास्थ्य विभाग की माने तो पूरे कार्यकाल में 47 लाख से ज्यादा रुपये अर्पित को दिए गए। यह अर्पित 18 सितंबर 2023 को तबादला कराकर बदायूं जनपद के लिए गया था।
शासन से तलब होने के बाद बाबू राजकुमार अर्पित के सभी दस्तावेज लेकर लखनऊ में गए हैं। यहां उसके सभी दस्तावेजों का सत्यापन होगा। उधर, फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद छह अर्पित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। साल 2016 से साल 18 अगस्त 2023 तक अमरोहा में तैनात रहा एक अर्पित वर्तमान में बदायूं में तैनात है। अमरोहा में तैनाती के दौरान उसने हसनपुर सीएचसी में एक्सरे टेक्नीशियन के पद पर नौकरी की थी।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के जरिये स्वास्थ्य विभाग में मई 2016 में एक्सरे टेक्नीशियन की भर्ती हुई। तत्कालीन निदेशक (पैरामेडिकल) एसी त्रिपाठी के आदेश पर 403 एक्सरे टेक्नीशियन की अलग-अलग जिलों के अस्पतालों में नियुक्ति की सूची जारी की गई। सूची में सिर्फ एक अर्पित सिंह का नाम है जबकि स्वास्थ्य विभाग के मानव संपदा पोर्टल पर एक अर्पित सिंह के नाम, पिता के नाम और जन्मतिथि पर छह लोग नौकरी कर रहे हैं। यह सभी शामली, रामपुर, फर्रुखाबाद, बांदा, बलरामपुर और बदायूं में कार्यरत हैं। इनमें से एक अर्पित ने अमरोहा में भी साढ़े छह साल नौकरी की थी।
इसका एक स्थानांतरण पत्र भी शासन स्तर से जारी हुआ था, यह पत्र फर्जी था या असली यह भी स्पष्ट नहीं है। निदेशक पैरामेडिकल एक त्रिपाठी के द्वारा जारी पत्र में अर्पित सिंह हाथरस आवंटित किया गया था। इसके बाद उसे संशोधित कर अमरोहा सीएमओ के अधीन भेजा गया था।
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि जिस अर्पित ने अमरोहा में नौकरी की थी वह 18 अगस्त 2023 को तबादला लेकर बदायूं चला गया था। उसके खिलाफ लखनऊ में एफआईआर दर्ज की गई है। अमरोहा में ज्वाॅइनिंग के दौरान अर्पित ने जो कागज लगाए थे उनका सत्यापन होने के लिए लखनऊ भेजा गया है। हमारे एक बाबू वहां गए हुए हैं। शासन स्तर से मामले कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई पूरी होने के बाद शासन स्तर से ही कथित अर्पित से उक्त रकम वसूल की जाएगी।