गजरौला। औद्योगिक क्षेत्र में रेलवे लाइन पर 91 करोड़ रुपये की लागत से ओवरब्रिज बनने की कवायद शुरू हो गई है। यूपीसीडा ने पहली किस्त के रूप में रेलवे को 30 करोड़ रुपये जारी किए है। बीते महीने टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी होने के बाद अब जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है। ओवरब्रिज बनने से वाहनों को नगर के विभिन्न स्थानों पर लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। यूपीसीडा के अफसरों ने शनिवार को साइट का निरीक्षण भी किया।
औद्योगिक क्षेत्र में फेस-2 और फेस-3 की फैक्टरियों को जोड़ने के लिए दिल्ली-लखनऊ रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज बनाए जाने की कवायद चल रही है। इस पर करीब 91 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके बनने से औद्योगिक इकाइयों का कच्चा और तैयार माल इधर से उधर ले जाने, इकाइयों के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ ही श्रमिकों का आवागमन सुगम होगा। अब तक इनके बीच में रेलवे लाइन बाधा बन रही थी जिसे दूर करने के लिए कई साल पूर्व ओवरब्रिज बनाने की कवायद शुरू की गई थी। पिछले साल इस पर मुहर लग गई।
उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) द्वारा खर्च होने वाली धनराशि वहन की जाएगी। उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। 91 करोड़ की लागत से बनने वाले ओवरब्रिज के लिए धनराशि चार किस्त में मिलेगी। यूपीसीडा ने पिछले महीने 30 करोड़ रुपये की किस्त रेलवे को अवमुक्त कर दी जिसके बाद सेतु निगम ने टेंडर प्रक्रिया भी जारी कर दी। यूपीसीडा बरेली के प्रभारी क्षेत्रीय प्रबंधक प्रभात यादव और सहायक प्रबंधक धर्मेंद्र कुशवाहा ने बीते शनिवार को औद्योगिक क्षेत्र में ओवरब्रिज की साइट का निरीक्षण भी किया था। उन्होंने देखा था कि ओवरब्रिज के लिए औद्योगिक क्षेत्र में कहां से सड़क बनाई जाएगी जिससे ओरवरब्रिज को दिल्ली-लखनऊ हाईवे से जोड़ा जा सके। प्रभात यादव ने बताया कि रेलवे को 30 करोड़ रुपये दे दिए हैं। टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। बरसात का सीजन खत्म होते ही रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है।
तीन स्थानों पर लगने वाले जाम से मिलेगी निजात
हाईवे पर दिल्ली और मुरादाबाद की दिशा से धनौरा, बछरायूं, चांदपुर, बिजनौर आने-जाने के लिए लोग चौपला, इंदिरा चौक और फाजलपुर फाटक से निकलते हैं। तीनों ही स्थानों पर आए दिन जाम लगा रहता है। ओवरब्रिज बनने पर नगर में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भारी या हल्के वाहन ओवरब्रिज से ही निकल जाएंगे। वहीं फैक्टरियों में काम करने वाले श्रमिकों को जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह ओवरब्रिज से ही लाइन को पार कर सकेंगे।
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श्रद्धालुओं के लिए वरदान साबित होगा ओवरब्रिज
दिल्ली-लखनऊ रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज बन जाने से सबसे अधिक फायदा हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले तिगरी गंगा मेले के उन लाखों श्रद्धालुओं को होगा जो चौपला, इंदिरा चौक और फाजलपुर रेलवे फाटक पर घंटों तक जाम में फंसे रहते हैं। उनको ट्रेन निकल जाने और फाटक खुलने का लंबा इंंतजार करना पड़ता है। इसके अलावा प्रत्येक पूर्णिमा व अमावस्या पर तिगरी-गजरौला मार्ग पर जाम लगा रहता है। ज्येष्ठ दशहरा, पितृ विसर्जन अमावस्या या अन्य कोई मौका हो, तिगरी-गजरौला मार्ग जाम से जूझ जाता है। ओवरब्रिज बन जाने पर श्रद्धालु नगर में आने की बजाय ओवरब्रिज को पार कर तिगरी तक आ और जा सकेंगे। जिससे उनकी यात्रा भी सुगम हो सकेगी।
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औद्योगिक क्षेत्र में रेलवे लाइन पर ओवरब्रिज बनाने के लिए रेलवे को 30 करोड़ रुपये दे दिए हैं। इसका टेंडर भी हो गया है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किए जाने की संभावना है। - प्रभात यादव, प्रभारी क्षेत्रीय प्रबंधक बरेली यूपीसीडा