स्मैक की तस्करी करते दो सिपाही गिरफ्तार किए गए हैं। इनके साथ चार और आरोपी भी दबोचे गए हैं। इनके कब्जे से 1.34 किलोग्राम स्मैक मिली है। पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय बाजार का हवाला देते हुए इसकी कीमत 40 लाख रुपये बताई है। सभी छह आरोपियों को जेल भेज दिया है।
इस गंभीर मामले का खुलासा रविवार को एएसपी अखिलेश भदौरिया ने किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्त में आए सिपाही आशु सैनी और योगेश कुमार अमरोहा के आदमपुर थाना क्षेत्र की ढबारसी पुलिस चौकी पर तैनात हैं। दोनों के निलंबन के लिए एसपी को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
रविवार को एएसपी ने बताया कि पुलिस को यह कामयाबी एसपी अमित कुमार आनंद के निर्देश पर चलाए गए अभियान के तहत मिली। सैदनगली पुलिस और एसओजी/सर्विलांस टीम रविवार तड़के उझारी-ढबारसी रोड पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान गंगा एक्सप्रेस-वे पुल के नीचे वैगनआर कार रोककर तलाशी ली तो उसमें स्मैक बरामद हुई। कार में मौजूद छह लोग दबोच लिए। गिरफ्त में आने वालों में दो सिपाहियों के अलावा आदमपुर थाने के गांव सांथलपुर निवासी गौरव कुमार, आदमपुर के ही गांव गाराबपुर उर्फ रुस्तमपुर निवासी नाजिम, रहरा के गांव फूलपुर निवासी आदिल और एक नाबालिग शामिल हैं। वहीं, सिपाही आशु मुजफ्फरनगर के भोराकलां थाना क्षेत्र के गांव बहरामगढ़ का रहने वाला है जबिक उसका साथी योगेश कुमार गौतमबुद्धनगर के जेवर थानाक्षेत्र के जहांगीरपुर का निवासी है।
एएसपी के मुताबिक पूछताछ में इन सभी के गिरोह के रूप में नशे के सामान की तस्करी में शामिल होने की बात पता चली। इनके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। पुलिस को यह जानना बाकी है कि इन्हें स्मैक की खेप कहां से मिलती थी। यह भी पता लगाना है कि इस स्मैक को दिल्ली-एनसीआर में कहां खपाने की तैयारी थी।
तस्करी से जल्दी और ज्यादा कमाई के चक्कर में वर्दी गंवाई
हसनपुर। स्मैक की तस्करी में गिरफ्तार हुए सिपाही योगेश कुमार और आशु सैनी की तैनाती आदमपुर थाना क्षेत्र की ढबारसी पुलिस चौकी पर है। पुलिस का कहना है कि कम समय में ज्यादा कमाई के मोह में फंस कर दोनों ने अपनी वर्दी गंवा दी। दोनों के निलंबन के लिए एसपी अमित कुमार आनंद को रिपोर्ट भेजी जा रही है।पुलिस के मुताबिक सिपाही आशु सैनी की उम्र महज 30 वर्ष है। आशु मुजफ्फरनगर के भोराकलां थाना क्षेत्र के गांव बहरामगढ़ का रहने वाला है। उसका साथी 25 वर्षीय योगेश कुमार गौतमबुद्धनगर के जेवर थानाक्षेत्र के जहांगीरपुर का निवासी है। दोनों अच्छे दोस्त हैं। आशु सैनी वर्ष 2018 में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था और पांच माह पूर्व उसकी तैनाती ढबारसी चौकी पर हुई थी। इससे पहले वह एसपी दफ्तर में टेलीफोन ड्यूटी पर तैनात था।सिपाही योगेश 2021 में भर्ती हुआ था। करीब पौने तीन साल से उसकी तैनाती ढबारसी चौकी पर है। आदमपुर थाने से पहले वह गजरौला थाने में रहा था। पुलिस ने सभी छह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। सभी को जेल भेज दिया है।जानकारों का कहना है कि केस दर्ज करके जेल भेजे जाने के बाद दोनों सिपाहियों का निलंबन तय है। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस तरह के मामलों में कोर्ट में अपराध साबित होने पर न्यूनतम दस साल की सजा का प्रावधान है। दोनों पर पुलिस आचरण से जुड़ी नियमावली के तहत और भी कार्रवाई संभव है।
साथी तस्कर को छलने की साजिश में धरे गए सभी
अमरोहा। पुलिस ने बताया कि नशीले पदार्थों की तस्करी में इनका एक साथी मयंक यादव भी है। पूछताछ में पता चला है कि गिरफ्त में आए चार आरोपियों को मयंक के पास भारी मात्रा में स्मैक होने की जानकारी मिली। उससे स्मैक झपटकर ज्यादा कमाई के लालच में चारों 19 जुलाई को मयंक के पास पहुंचे। उसे स्मैक खरीदने का झांसा देकर सौदेबाजी करने लगे। अपनी यह स्कीम सिपाही योगेश कुमार और आशु सैनी को पहले से बता रखी थी। तय समय पर दोनों सिपाही वर्दी में छापा मारने के अंदाज में पहुंच गए। वर्दीधारी देख मयंक डरकर भाग गया। दोनों सिपाहियों समेत सभी छह आरोपी स्मैक का स्टॉक ले गए। कुछ दिन की खामोशी से मामला ठंडा पड़ने का इंतजार किया। इसके बाद रविवार तड़के दिल्ली-एनसीआर में बेचने के लिए जाते समय चेकिंग में घिर गए।
इतने दिन सिपाहियों की देखरेख में रही स्मैक
पुलिस को पता चला है कि मयंक यादव से सिपाहियों समेत छह आरोपियों ने 19 जुलाई को स्मैक झपट ली थी। मामला ठंडा पड़ जाने और ज्यादा दाम मिलने के मोह में स्मैक को दोनों सिपाहियों की देखरेख में छिपाए रखा। रविवार तड़के बेचने जाते समय घिर गए और पोल खुल गई। बताया जा रहा है कि दोनों सिपाही पहले भी इन धंधेबाजों के साथ नशीले पदार्थ बेचने दिल्ली जा चुके हैं।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम
थानाध्यक्ष सैदनगली विकास कुमार, एसआई सतवीर सिंह, एसआई राजेश मिश्रा, हेड कांस्टेबल सतेंद्र मलिक व संजय, सिपाही प्रवीन कुमार, रामजीलाल, रोहित कुमार, प्रदीप कुमार थाना सैदनगली और एसआई बिजेंद्र मलिक प्रभारी सर्विलांस सेल, एसआई कुलदीप तोमर प्रभारी एसओजी, हेड कांस्टेबल गौरव शर्मा, हेड कांस्टेबल वाजिद अली, सिपाही अरविंद शर्मा, सिपाही अंकुर एसओजी, सिपाही कृष्णवीर सिंह, सिपाही कमल कुमार, सिपाही आशीष, सिपाही लवी चौधरी सर्विलांस सेल टीम अमरोहा इस कार्रवाई में शामिल रहे।