गजरौला। आए दिन बकरियों का शिकार कर रहा तेंदुआ किसानों के लिए दहशत का पर्याय बना है। इसके बावजूद वन विभाग गांव में पिंजड़ा नहीं लगा रहा है। ग्रामीणों में दहशत के साथ विभाग के प्रति नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन इलाके में तेंदुआ बकरियों को शिकार बना रहा है, लेकिन वन विभाग का कोई भी अधिकारी गांव में नहीं आया है।
पपसरा खादर में मंगलवार रात तेंदुए ने एक बकरी का शिकार किया। गांव निवासी शराफत का परिवार मकान के अंदर बरामदे में सो रहा था। उनकी बकरी आंगन में बंधी थी। रात ढाई बजे शराफत की पत्नी रुखसाना नमाज पढ़ने के लिए उठीं तो उनकी नजर तेंदुए पर पड़ी। तेंदुआ उनके आंगन में बंधी बकरी को उठाकर ले जा रहा था। उनके शोर मचाने पर शराफत और मोहल्ले के लोग जग गए। तब तक तेंदुआ बकरी को लेकर खेतों में ओझल हो गया। उन्होंने सुबह वन विभाग की टीम को सूचना दी, लेकिन गांव में वन विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी नहीं आया। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
गांव के औसाफ अली, अरबाज अली, रियासत मेवाती आदि ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुआ कई दिनों से ग्रामीणों की डर का कारण बना है। अब तक गांव में पांच बकरियों का शिकार कर चुका है, इसके बावजूद वन विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे पहले तेंदुए ने मोहरका पट्टी में एक ही रात में दो बकरियों का शिकार किया। फिर भी वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजड़ा नहीं लगाया है। वन दरोगा राकेश कुमार का कहना है कि तेंदुआ बकरी को ले गया है, इसकी जानकारी मिली है। वह गांव जा रहे हैं।